Trending News
prev next

नयी शिक्षा नीति के साथ, अब शिक्षा

सत्‍यम् लाइव, 31 जुलाई 2020, दिल्‍ली।। नयी शिक्षा व्यवस्था में जो बदलाव किया गया है इसकी धारणा 1986 में की गयी थी और फिर 1992 में इसमें पुनः संशोधन किया गया था। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने 2014 के चुनावों में अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल किया गया था जिसको अब पूरा किया जा रहा है परन्तु ऑनलाइन व्यवस्था के तहत जो अमेरिका में भी लागू किया जा रहा है दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में 70 प्रतिशत शिक्षक सहित 60 प्रतिशत अभिभावक भी, ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था के विरोध में हैं। परन्‍‍‍‍तु भारत में चार चरण में अब शिक्षा होगी, जिसमें 5+3+3+4 का नया स्‍वरूप दिया गया है।

जिस समिति ने नई शिक्षा नीति (एन.ई.पी.) के तहत शिक्षा प्रणाली में बदलाव का सुझाव दिया था, उसका नेतृत्व इसरो के पूर्व प्रमुख के कस्तूरीरंगन ने किया था। मंत्रालय के तहत प्रस्तावित बड़े बदलावों में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एच.आर.डी.) केा शिक्षा मंत्रालय का नाम दिया गया है साथ जो एक केन्द्रिय निकाय का होगा और राज्य स्तरीय शिक्षा बोर्डों को विनियमित करेगा, नेशनल ट्यूटर्स प्रोग्राम, रेमेडियल इंस्ट्रकशनल एड्स प्रोग्राम, शिक्षा का अधिकार इन सभी पर ध्यान में रखते हुए नयी शिक्षा नीति तैयार की गयी है। नई शिक्षा नीति में स्कूलों के प्रशासन में बहुत बडे़ स्तर पर बदलाव किया गया है। अब काॅम्प्लेक्स या क्लस्टर के तौर पर स्कूलों का प्रबन्धन किया जायेगा। स्कूलों को काॅम्प्लेक्स के तहत पर आस-पास के छोटे स्कूलों केा संगठित और प्रशासनिक इकाई में लिया जायेगा। इससे सभी स्कूलों को आपस में साझा करने में सुविधा होगी जैसे कि किसी छोटे स्कूल में, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, काउंसलर या किसी विषय का विशेज्ञक शिक्षक नहीं है तो दूसरे स्कूल उसकी मदद करेगा। कुछ विशेष बातेें जो ध्‍यान देने योग्‍य हैं।

  • सरकारी तथा निजी स्कूलों को एक साथ में जोड़ा जायेगा।
  • अब नीजि स्कूलों की फीस कैप से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिये जवाहर नवोदय विद्यालय में निःशुल्क बोडिंग तक की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • हिन्दी और अंग्रेजी माध्यक में उपलब्ध ई-पाठ्यक्रम में 8 क्षेत्रिय भाषायें- कन्नड़, ओडिया, बंगाली, प्राक्रुत, तमिल , तेलगु, मलियालम, फारसी आदि में करायी जायेगीं।
  • उच्च शिक्षा तकनीकि के माध्यम से 2030 तक 100 प्रतिशत साक्षारता लायी जायेगी।
  • 2040 तक सभी उच्च शिक्षा संस्थान (एच.ई.आई.) का उद्देश्य, रिसर्च इंस्टीट्यूट में परिवर्तित करना होगा। इसमें लगभग 3,000 छात्रों को लाभ मिलेगा।
  • वैश्यिक मंचों पर आर्थिक विकास, सामाजिक विकास, समानता और पर्यावरण की देख-रेख, वैज्ञानिक उन्नति और सांस्कृतिक संरक्षण के नेतृत्व का समर्थन करेगा।
  • सभी काॅलेज भाषा, साहित्य, संगीत, फिलाॅसफी, कला, नृत्य, रंगमंच, शिक्षा, गणित, स्टैटिक्स, प्योर एंड अप्लाईड साइंस, समाज शास्त्र, अर्थशस्त्र, खेल, अनुवाद और व्याख्या आदि विभागों को सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में स्थापित करने पर जोर देगा।

सुनील शुक्‍ल

विज्ञापन

अन्य ख़बरे

Be the first to comment

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.