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जीवन में वैदिक गणित महत्‍वपूर्ण है

ऋतु को जाने बिना काल को नहीं जाना जा सकता और काल (समय) को जाने बिना महाकाल को नहीं जाना जा सकता है।

सत्‍यम् लाइव, १६ मार्च २०२० दिल्‍ली, जीवन का सबसे उपयोगी समय आने वाली पीढी को उनके पर्यावरण और प्रकृति परिचय कराना है ऐसा ही एक समय मेरे जीवन में आया मुझे लगा कि ये सबसे उपयोगी समय है मेरेे जीवन का, जब बच्‍चों के साथ मैं स्‍वयं भी उन बच्‍चों से नई कला को सीख रहा हूॅ। जीवन परिचय मानव जीवन में सबसे ज्‍यादा उपयोगी होता है और वो भी जब आने वाली पीढी को इससे परिचित कराना पडे तब तो कुछ नया ज्ञान स्‍वयं को भी प्राप्‍त होता है क्‍योंकि बच्‍चे के पास इतनी मासूमियम भरे प्रश्‍न होतेे है कि अपने ज्ञान चक्षु के द्वार सदैव खुल के रखने पडते हैं वो भी जब अपने पर्यावरण से परिचय कराना हो और वो भी हिन्‍दी के शब्‍दों के साथ तो फिर सोने पर सुहागा होता है ऐसा ही मेरा अपना अनुभव ही नहीं बल्कि सत्‍य है।

पर्यावरण के परिचय के सबसे ज्‍यादा उपयोगी है गणित को जान लेना क्‍योंकि आप अपने जीवन मेें कोई भी कार्य करें हिसाब तो रखना ही पडेगा वो कार्य घर चलाने से लेकर, ग्रहों की गति नापने तक कोई भी हो सकता है। वैसे मुझे आयुर्वेद का थोडा सा ज्ञान है जो रसोई से ही प्रारम्‍भ होता है फिर भी मैं कहता हूॅ कि ग्रहों की गति को नापन सरल है और रसोई में खाना बनाना कठिन है। वैदिक गणित वो गणित है जिसका जन्‍म ही ग्रहों के चरित्र से हुआ है।


अर्थात् जैसे कि मयूर के सिर पर पंख और नाग के सिर पर मणि शोभायमान होती है उसी तरह से वेदो के अंग ज्‍योतिष गणित अर्थात् ग्रहों का चरित्र को जाने बिना वेदों को समझ पाना मुश्किल है।

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