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दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार द्वारा पारित किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को पूर्णतः वापस लेने की मांग को लेकर भाजपा मुख्यायलय का घेराव किया।

 सत्‍यम् लाइव, 15 दिसम्बर 2020, दिल्ली : दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आज किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को पूर्णतः रोल-बैक की मांग को लेकर भाजपा मुख्यायलय का घेराव किया। मोदी सरकार  द्वारा पास किए गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ देश भर के किसान भी दिल्ली की सीमाओं पर 20 दिनों से अपना रोष प्रकट कर रहे है। आक्रोषित कांग्रेस कार्यकर्ताओं में महिलाऐं भी अधिक संख्या में मौजूद थी। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में मोदी सरकार विरोधी तख्तियां लिए ‘‘अन्नदाता पर अत्याचार, बंद करो मोदी सरकार’’, मोदी की नियत में खोट है, किसान मजदूरों के हितों पर चोट है’’ आदि नारे लगा रहे थे।  चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने भाजपा मुख्यालय की ओर जाने से बलपूर्वक रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों में प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के अलावा पूर्व सांसद श्रीमती कृष्णा तीरथ और श्री उदित राज, प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जय किशन, श्री अभिषेक दत्त, श्री मुदित अग्रवाल, शिवानी चौपड़ा और श्री अली मेंहदी, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन, पूर्व विधायक सर्वश्री राजेश लिलौठिया, चौ0 मतीन अहमद, विजय लोचव, तरविन्दर सिंह मारवाह, अमरीश गौतम, वीर सिंह धींगान, कुंवर करण सिंह, सुरेन्द्र कुमार और भीष्म शर्मा, निगम पार्षद मुकेश गोयल, रिंकू, सुरेश कुमार, गुड्डी देवी, अमरलता सांगवान, सुशीला खोरवाल, दिल्ली छावनी बोर्ड सदस्य नन्द किशोर, जिला अध्यक्ष हरी किशन जिंदल, मौहम्मद उस्मान, मदन खोरवाल, गुरचरण सिंह राजू, राजेश चौहान और विष्णु अग्रवाल, संदीप गोस्वामी, परवेज आलम और पंकज लूथरा सहित महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल के कार्यकर्ता भी मौजद थे।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यह मोदी सरकार की तानाशाही का ही नतीजा है कि अपना घर छोड़कर देश भर से आए किसान 20 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर अपने अधिकार के लिए संघर्ष कर रहे है, और लगातार बैठकों के दौर चलने बावजूद भी भाजपा की केन्द्र सरकार किसानां की मांगों पर विचार करने की जगह दुष्प्रचार कर रहे है। उन्हांने कहा कि किसान हमारा अन्नदाता है और कांग्रेस पार्टी ने कभी भी किसानों के अधिकारों को नजरअंदाज नही किया है।

चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के अधिकारों के लिए तब तक संघर्ष करती रहेगी जब किसान विरोधी तीनों काले कृषि बिलों के पूर्णतः रोल-बैक करके वापस नही लिया जाता और जब तक किसानों की मांगें पूरी तरह नही मान ली जाती तब तक, कितनी भी कठिन स्थिति क्यों न हो, कांग्रेस किसान आंदोलन को समर्थन जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि तीनों बिलों का वर्तमान प्रारूप बड़े कॉर्पोरेट्स को कृषि क्षेत्र को संभालने और उत्पाद के मूल्य निर्धारित करने की अनुमति देता है, जो कॉर्पोरेट्स के हित में काम करेगा। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि तीनों काले कृषि कानूनों से न सिर्फ किसान प्रभावित होंगे बल्कि खेत मजदूर, आड़ती, छोटे व्यापारी और सरकारी मंडियों में काम करने वाले कर्मचारियों, मजदूर वर्ग सहित उपभोक्ता भी प्रभावित होगा।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि जब पूरा देश असंवैधानिक तरीके से संसद में पास किए गए किसान विरोधी काले कृषि कानूनों के खिलाफ अपना विरोध जता रहा है तो ऐसे कौनसे कारण है कि मोदी सरकार अपने तानाशाह रवैये के चलते इन कानूनों के तहत कृषि उत्पाद को निजी हाथों में दिए जाने को उतारु है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों के हितों को पूर्णतः हनन होगा और किसान बर्बाद हो जाएगा।

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चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द अपने दोहरे चरित्र के साथ किसानों के हितों के लिए उपवास करने का झूठा नाटक कर रहे है। उन्होंने कहा कि यदि अरविन्द केजरीवाल किसानों के लिए कुछ करना चाहते है तो दिल्ली सरकार द्वारा  23 नवम्बर, 2020 को जारी की गई कृषि कानूनों को दिल्ली में लागू करने संबधी अधिसूचना को वापस लें और तुरंत विधानसभा का सत्र बुलालकर अपना रुख सदन के पटल पर स्पष्ट  करें। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि किसान विरोधी कृषि कानूनों पर भाजपा और आम आदमी पार्टी कुछ करने की बजाय सिर्फ राजनीति कर रहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा और आप पार्टी एक ही सिक्के के दो पहलू है।

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