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मन्दिर-मस्जिद और होटल 8 जून से खुुुुुुुलेंगे

65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, बीमारों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों के सभी धार्मिक स्थलों में जाने पर मनाही है। कलयुग में मोझ पाना सबसे आसान है तुलसी दास जी ने उत्‍तर काण्‍ड में लिखा है। नाराज हुए है सभी जाति के धार्मिक लोग।

सत्‍यम् लाइव, 6 जून, 2020, दिल्‍ली।। नोवेल कोरोना न फैलने पाये इसी कारण से धार्मिक स्‍थल भी लगातार पिछले 68 दिन बन्‍द रहे हैं अब जब सरकार ने उन्‍हें 8 जून से खाेेेेेलने का फैसला ले रही है तो उसके लिये स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने धार्मिक स्‍थल और होटल पर अपनी गाइउ लाइन जारी कर दी है पहले तो यही समझ से परे था कि आखिर धर्म स्‍थल का अर्थ क्‍या होता है ? यदि इन स्‍थलों पर अधर्म होता है तो भला इनका नाम पूर्वजों ने धर्म स्‍थल क्‍यों रखा है ? क्‍योंक‍ि मनु स्‍मृति में धर्म के चार चरण सत्‍य, दया, तप और दान बताये हैंं और साथ में धर्म के दस लक्षण धैर्य, क्षमा, दान, अस्‍तेय, शौच, इन्द्रिय निग्रह, विवेक शीलता, विद्या, सत्‍य बोलना, बिना कारण क्रोध न करना। ये है सच में धर्म। जिसके लिये ये धर्म स्‍थल बनाये गये थे। परन्‍तु कलयुगी ज्ञानी ने, अधर्म स्‍थल के साथ, धर्म स्‍थल को भी बन्‍द कर दिया था। अब जब 8 जून से सभी धार्मिक स्‍थल जैसे मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारा के साथ, अधर्म स्‍थल मॉल, रेस्‍टोरेन्‍ट, होटल सभी खुलने की अनुमति दे दी है तो उस पर जो गाइड लाइन जारी की वो भी देख लेनी उचिŽत होगा।

  • सभी धार्मिक में भक्त सामूहिक पूजा नहीं कर पाएंगे।
  • कई धार्मिक स्‍थलों प्रसाद व माला भी नहीं चढ़ा पाएंगे।
  • सभी धार्मिक में प्रवेश करने के साथ ही सबको मास्क लगाना अनिवार्य होगा।
  • परिवार के साथ या सामूहिक रूप से मंदिर में आने पर मनाही होगी।
  • समहू के बजाय एक-एक कर मंदिर में प्रवेश मिलेगा।
  • शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना होगा।
  • सैनिटाइजर का इंतजाम मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से किया जाएगा।
  • फिलहाल कंटेनमेंट जोन से बाहर के धार्मिक स्थलों को ही खोलने की इजाजत दी गई है।
  • सभी धार्मिक परिसर में 6 फुट की दूरी अनिवार्य होगी।
  • सभी धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी होगी।      
  • सभी धार्मिक पर कम से कम 6 फुट की शारीरिक दूरी रखना आवश्यक होगा।     
  • धार्मिक स्‍थल मास्क लगाना और चेहरे को ढकना भी अनिवार्य होगा।
  • साबुन से 40 से 60 सेकेंड तक और सैनिटाइजर से 20 सेकेंड तक हाथ धोने होंंगे।
  • खांसते और छींकते समय मुंह ढकना अनिवार्य होगा।
  • धार्मिक स्‍थल पर प्रवेश के लिये मोबाइल पर अयोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।     
  • सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर पूरी तरह से पाबंदी जारी रहेगी।
  • धार्मिक स्‍थल की मूर्तियों और ग्रंथों समेत किसी भी चीज को छूने की इजाजत नहीं होगी।
  • नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में आने से पहले लोग अपने घर से वजूकर के आए। दुआ-सलाम के लिए हाथ और एक दुसरे से गले न लगे। मस्जिद में रखी टोपी का भी इस्तेमाल न करें।
  • इसके साथ ही 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, बीमारों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों के सभी धार्मिक स्थलों में जाने पर मनाही है। इनको घर में रहने की सलाह दी गई है।
  • सभी धार्मिक स्थलों के परिसर को कई बार साफ किया जाएगा। इसके अलावा प्रवेश करने से पहले जूते-चप्पलों को अलग रखना होगा।

ऐसे ही केन्द्र और राज्य सरकारो ने सभी शाॅपिंग माॅल, होटल, रेस्टोरेंट नई गाईड लाईन बना दी है सरकार ने माॅल में सिनेमा हाॅल, गेमिंग जोन और बच्चों के खेलने के स्थानों को बंद रखने का निर्देश दिया है। इन सभी पर जो नये नियम आये हैैं-

  • बैठकर खाने के बजाय पैकिंग को बढावा दिया जाएगा। होम डिलीवरी करने वाला स्टाफ पैकेट हाथ मेें थमाने के बजाय दरवाजे पर रखेगा।
  • रेस्टोरेंट के एंट्रीगेट पर हाथ सैनिटाइज करने और थर्मन स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी। सभी कर्मचारियों को मास्क पहन कर रहना होगा। अलग-अलग वक्त पर थोडे़-थोड़े कर्मचारी बुलाए जाएंगे।
  • गेमिंग आर्केड और बच्चों के खेलने की जगहें बंद रहेंगा।
  • होम डिलीवरी के लिए निकलने से पहले रेस्टोरेंट में ही कर्मचारी की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।

कलयुग में मोझ पाना सबसे आसान है तुलसी दास जी ने उत्‍तर काण्‍ड में कलयुग का वर्णन करते हुए लिखा है। वही कलयुग में पूरा होने जा रहा है पं. श्‍याम नारायण तिवारी जो पूजारी बाबा के नाम से जाने जाते हैं सरकार केे काम से बहुत नाराज है और कहते हैं कि जब चुनाव होता है तब चुनाव जीतने के लिये भगवान और गरीब ही मनाये जाते है और अब दोनों को भूलाकर सत्‍ता के मद पर अंहकारी बन बैठेे हैं ये गेरूवे वस्‍त्र को बदनाम कर दिया है इन कलयुगी, समाज केे पालनहार ने। शेष भी जिन धर्म को जानने वाले से मिले सब नाराज हैं वो मस्जिद के हों या फिर गुरूद्वारेे के।

उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल 97175 34480

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