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न्यू मोर्डन शाहदरा में आसमाजिक तत्वों का बोल बाला।

सत्यम् लाइव, 15 अक्टूबर 2021, दिल्ली।। कभी न्यू मोर्डन शाहदरा में बहुत ही मिलनसार और व्यवहारिकता हुआ करती थी । इसमे रहने वाले पुराने लोग बहुत ही सज्जन और व्यवहारिक हुआ करते थे। समय समय पर एक दूसरे के सुख दुःख में साथ रहा करते थे । पर जब से पीढ़ी परिवर्तन हुआ है। और नए नए किराएदार या लोग इस कॉलोनी में आये है । तब से इस इलाके का माहौल खराब होता जा रहा हैं। ज्यादा बुरा हाल गली न 5 से लेकर गली न 12 तक का है । जोकि रेलवे लाइन के करीब पड़ती है।

जितने भी बुरे काम होते है ज्यादातर रेलवे लाइन के समीप वाली गलियों में ही होते है जिसका असर आगे वाली गलियो में भी होता है। जिस कारण आये दिन आसमाजिक तत्वो का बोल बाला बढ़ता जा रहा है।

इसी का नमूना कल रात को न्यू मॉडर्न शाहदरा की गली न 5 में देखने को मिला। सूत्रों के अनुसार एक बुर्जुग व्यक्ति जो रेलवे से सेवानिवृत्त है जो कि वरिष्ठ नागरिक की सीमा में आते है। 14 अक्टूबर 2021 की शाम करीब 8 बजे साब्जियां लेने मार्किट गए थे। साथ मे उनकी पोती भी उनकी गोद मे थी। जब वे सब्जियां ले रहे थे तो उनका बैलेंस कुछ खराब हो गया और साइड में किसी लेडी की तरफ थोड़ा सा झुक गए। जिस पर उन्होंने उस लेडी से माफी भी मांगी। पर लेडी के साथ रहे आदमी और लेडी ने उन बुज़ुर्ग व्यक्ति के साथ हाथापाई करने शुरू कर दी । जिस कारण उनकी कमीज भी फट गई और उनके पैर में भी चोट आई। और साथ मे उनकी पोती भी उनकी गोद से गिर गई। जिस कारण उनकी पोती के सिर में कुछ चोट आ गई।

बात यहाँ पर नही रुकती है। जब वो वरिष्ठ व्यक्ति आपने घर आता है तो उसके पीछे पीछे लेडी और उसका साथ वाला आदमी भी आता है घर के अंदर आकर कहा सुनी करने लगते है। जिस कारण इलाके का माहौल खराब होने लगाता।

कुछ देर बाद पता चलता है कि वे लेडी एंड जेंट्स उसी गली में किराये पर पहली मंजिल पर रहते है । जिस गली में इन बजुर्ग का घर है। बात बढ़ता देख उन किराएदार के मकान मालिक भी लड़ाई में कूद गए। फिर क्या होना था उस मकान मालिक के सहयोगी भी लड़ाई में आने लगे। यहाँ तक तो कुछ हद तक ठीक था क्योंकि अभी तक केवल पड़ोसी ही थे जो आपस मे लड़ रहे थे। बात ज्यादा ख़राब तब होती है जब 5 न. गली में कॉलोनी से बाहर के आसामाजिक तत्वों का झुण्ड आ जाता है

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पहले लड़ाई किरायदार की थी। फिर मकान मालिक की हो गई, फिर मकान मालिक के सहयोगी भी साथ हो गए। देखते ही देखते काहासुनि गाली गलौच तक आ गई। फिर थोड़ी देर में मामला कुछ शांत हुआ। इतने में उस मकान मालिक की तरफ से पता नही कहा से आसमाजिक तत्वो का एक झुंड अपने साथ में देशी कट्टा और अन्य हथियार लेकर आ जाते है । और उन बुजुर्ग के घर, साथ में बराबर वाले के घर पर हमला करने के इरादे से बढ़ने लगते है। और दोनों के घर के बाहर खड़े होकर भद्दी भद्दी गालिया और धमकियाँ देने लगते है

ये सब देख सब डर और सहम गए। ये घटना को देख किसी सज्जन में पुलिस को इसकी सूचना दी। जब तक पुलिस आई, तब तक सब असमाजिक तत्व वहां से निकल चुके थे। मिली सूचना के आधार पर पता चला है कि कुछ दिन पहले भी इसी तरह से एक पत्रकार को भी निशाना बनाया गया था जो इसी गली में रहता है उसमें भी यही समूह साथ मे था। मकानमालिक और किरायेदार, और साथ मे मकान मालिक के सहयोगी। इस बार ये समूह दुबारा उसको निशाना बनाना चाहते थे। ये आसामाजिक तत्व उनके जान माल को नुकसान पहुंचना चाहते थे। उन पत्रकार ने तभी ये सब सूचना अपने नजदीक थाने में दे दी। जिसका संज्ञान लेते गए एक पुलिस कर्मी उनके पास आया। और उन्होंने सब विवरण उन पुलिस कर्मी को दे दिया। ताकि भविष्य में कुछ अप्रिय घटना घटती हैं तो पुलिस को इसकी जानकारी होनी चाहिए।

आये दिन इसी तरह के असामाजिक तत्वों के जमावड़ा गलियों के कोनो और कही भी हो जाता है जो कभी भी किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते है। ये कभी सिगरेट और शराब या गुटखा मुँह में रखते है। कभी कभी तो शराब पीकर या शराब के नशे में गली महोल्ले में उल्टा सीधा बोलने लगते है। जिनकी गतिविधिया ठीक नहीं रहती है जिस कारण से गलियो का माहौल ख़राब होता जा रहा है।

सवाल ये उठता है कि
-सीनियर सिटिज़न के प्रति जिम्मदारी कौन लेगा अगर उन्हें इस घटना में कुछ ज्यादा नुकसान हो गया होता।
-जो इनकी मान की और माल का नुकसान हुआ उसके लिए कोन जिम्मदार है
-जो वे आसामाजिक तत्वो का झुण्ड इलाके में आया वो किसने कहने पर बुलाया गया और किस मकसद से बुलाया गया । अगर वो कुछ घटना को अंजाम कर गए होते तो उसका जिमेदार कौन होता।
-अगर इन समूह (मकान मालिक और किरायदार) या आसमाजिक तत्वों के दुवारा इन वरिष्ठ नागरिक या उन पत्रकार को या इनके परिवार को किसी भी प्रकार की जान या माल का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मदारी किसकी होती।
-अगर इसी तरह की घटना या कोई जान माल का नुकसान भविष्य में दुबारा इन बुजुर्ग या पत्रकार पर या इनके परिवार पर होता है तो उसकी जिम्मदारी किसकी होगी और इस बात की पूर्ण संभावना है की ऐसा हो सकता है

संवाददाता – योगेश कश्यप

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2 Comments on न्यू मोर्डन शाहदरा में आसमाजिक तत्वों का बोल बाला।

  1. इतनी झूटी खबर फैला रहा है अपनी घटिया पत्रकारिता से। मामले की सच्चाई पता भी है तुझे घटिया पत्रकार।
    समाज मे तेरे जैसे पत्रकार की वजह से माहौल खराब होता है, झुटे बेशर्म पत्रकार

    • जो भी ये मैसज कर हमें धमकाने की कोशिश कर रहा है वो ये कतई न समझे कि हम किसी प्रकार से डर जायँगे। अब हम पीछे हटने वाले नही है अब ओर जोर से प्रहार होगा । और एक एक तथ्य उजागर होगा। और वो ये भी न समझे कि वो छिपकर या फेक आई डी बनाकर धमकी देकर बच जयगा। इधर सब खबर रखते है।

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