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अर्थव्‍यवस्‍था पर अब बारिश का प्रकोप

  • कई जगह की बिजली बन्‍द ऑधी तूफान की वजह से बन्‍द।
  • पूरी फसल चौपट होेनेे के कगार पर।
  • किसान फिर बेहाल।
  • भारत की मजबूत अर्थव्‍यवस्‍था का माध्‍यम सिर्फ खेती है।

सत्‍यम् लाइव 7 मई 2020, दिल्‍ली।। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, छत्‍तीसगढ, बिहार और झारखण्‍ड में अलग-अलग स्थानों पर आंधी तूफान, बिजली की चमक तथा हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना है। इसके बाद इस बढे हुए पश्चिमी विक्षोभ ने अपना और विराट रूप धारण किया है अब उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले तीन दिनों के दौरान तेज आंधी व बारिश होने की संभावना जताई है। इन राज्‍यों में हवा की गति 50-60 किमी / घंटा रहेगी और कई स्‍थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना है। हरियाणा राज्‍य के अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, पंचकुला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर, पानीपत, रीवापत, आदि जिलों में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है। भारत मौसम विभाग ने मॉनसून को लेकर अपना पहला अनुमान जारी कर दिया है कि 48 फीसदी संभवना इस बात को लेकर है कि यह अनुमान है कि जून से सितंबर तक के बीच का है।

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सारी फसल, सब्‍जी बिना मौसम बरसात के कारण चौपट

अर्थव्यवस्था के लिए अहम है मानसून

भारत की अर्थव्‍यवस्‍था को यदि सच मेें सुदृढ बनाना चाहते हैं तो उसका पहला आधार ही खेती होना चाहिए और और जो भी विकास भारत में होगा वो पहले खेती को ध्‍यान में रखते हुए होगा। परन्‍तु इस बात से सरकारों को बिल्‍कुल भी सरोकार नहीं है वो तो सिर्फ इतना जानती है है कि जिस रास्‍ते पर चलकर यूरोप और अमेरिका विकास कर रहा है वहीं रास्‍तेे पर चलकर विकास होगा। अब शायद भगवान को भी ऐसा लगने लगा है कि इनको यूरोपियन विकास चाहिए तो बिना मानसून के ही पूरे देश की फसल तब से खराब करने में लगे हैं पिछले साल भी अत्‍याधिक बारिश ने कहर बरपाया था तो इस वर्ष तो जब से गेहूॅ और सरसों की फसल बोई गयी है उसी समय से बारिश इस कदर हो रही है कि फसल बोने से लेकर अब तक में सिर्फ किसान केे हाथ मेेेहनत लगी है और अब ऐसा लग रहा है कि अर्थव्‍यवस्‍था अभी और ज्‍यादा नीचे जाने वाली हैं। अब बिना मानसून की बारिश ने दिल्‍ली, हरियाणा, पंजाब, जम्‍मू कश्‍मीर में भी अपने पॉव जमाने चालू कर दिये हैं।

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उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल

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