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दिल्‍ली के सरकारी स्‍कूलों पर तैयार हो रहा है ”माइक्रो प्‍लान”

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा “हमें यह कैसे सुनिश्चित करना चाहिए कि हम अपने सभी बच्चों के साथ संपर्क में रहें और उनका समर्थन करें, ताकि वे स्कूल न छोड़ें।

सत्‍यम् लाइव, 27 मई 2020, दिल्‍ली।। कल की प्राप्‍त प्रधानमंत्री कार्यालय से सूचना के अनुसार अभी तक कोई आधिकारिक सूचना स्‍कूल खुलने की नहीं दी गई है परन्‍तु आज दिल्‍ली के सरकारी स्‍कूूलों को फिर से खोलने की तैयारी में लगे होने की सूचना प्राप्‍त हुई है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे लेकर अहम कदम उठाने को तैयार हैंं। शिक्षा निर्देशालय का मानना है कि स्‍कूलों को तैयार रहना होगा और साथ ही बच्‍चों सहित अभिभावक के मन से तनाव समाप्‍त करके विश्‍वास पैदा करने का काम करना होगा। अभी दिल्‍ली केे शिक्षा निर्देशालय ने दिल्‍ली केे 1030 स्‍कूलों के हेड मास्‍टर से स्‍कूल पर माइक्रो प्‍लान बनाकर 5 जून तक मॉगा है। सोशल डिस्‍टेंसिंग के पर ध्‍यान में रखते हुए कुछ कक्षाऐं प्रतिदिन लगाई जाने के लिये, शिक्षा निर्देशालय और स्‍कूल के बीच कुछ प्‍लान किया जा सकता है कुछ अकैडमिक एक्टिविटी को हटाकर, ऑनलाइन और कक्षायें प्रारम्‍भ करने पर भी विचार करने को पूछा गया है।

शिक्षा बोर्ड के डायरेक्‍टर विनय भूषण जी का बताया कि सभी शिक्षक गण से कहा गया है कि वे बच्‍चों से तथा उनके अभिभावक से बात करके ये पता करे कि वे कहॉ पर हैंं? कहीं वो अपने गॉव तो नहीं चले गये। स्‍कूल खुलने केे बाद में मानसिक स्‍तर पर उसे तैयार करना आवश्‍यक होगा। सभी स्‍कूल में काउंसलर हैं और उन्‍हें इस स्‍पेशल ड्यूटी पर लगाया जायेगा। सभी स्‍कूल एक ही स्‍तर पर कार्य नहीं कर सकते हैं अत: उन्‍हें उनकी कंडिशन पर ही, प्‍लान बनाकर 5 जून तक देने के लिये कहा गया है। स्कूल खुलने के बाद पहले टीचर्स, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और पैरंट्स से क्या मदद ली जाए? यह भी पूछा है कि लॉकडाउन के दौरान कितने स्टूडेंट्स से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संपर्क में हैं? स्कूल खुलने के बाद और अतिरिक्‍त सहायक की जरूरत पर भी राय मांगी गयी है। निर्देशक विनय भूूषण जी ने बताया। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे लेकर अहम कदम उठाने को तैयार हैंं। इस विषय पर मनीष सिसोदिया ने कहा, हम इस योजना पर इसलिए काम कर रहे हैं क्योंकि हमें अंतिम निर्णय करने से पहले, कई बातों पर विचार करने की आवश्‍यकता है सिर्फ सामाजिक दूरियॉ और सैनिटाइजेशन से काम नहीं चलने वाला। कोई भी निर्णय बच्चों और अभिभावकों पर गहरा असर डाल सकता है क्योंकि शिक्षा, सामाजिक जीवन का अभिन्न अंग है। सिसोदिया जी ने प्रिंसिपल्स के साथ ऑनलाइन मीटिंग में ये बात कही। साथ ही कहा कि चुनौतीपूर्ण समय में शिक्षा व्‍यवस्‍था के लिये नए मानक स्थापित किए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा, “हमें यह कैसे सुनिश्चित करना चाहिए कि हम अपने सभी बच्चों के साथ संपर्क में रहें और उनका समर्थन करें, ताकि वे स्कूल न छोड़ें। स्कूल के फिर से खुलने पर दैनिक शिक्षण-अधिगम के लिए कौन सी कक्षाएं आनी चाहिए, ऑनलाइन विधि का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए, पिछले साल तक कौन सी नियमित गतिविधियां आयोजित की गई थीं, जो इस वर्ष नहीं होंगी।”

उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल

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