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लाइफस्टाइल को प्रकृति के हिसाब से बदलना होगा …PM मोदी

सत्यम् लाइव, 26 सितम्बर 2021, दिल्ली।। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से सम्बोधित किया जो 120 देशों में ब्रॉडकास्ट के जरिए प्रसारित किया गया। इस इवेंट पर ग्लोबल पर बोला। प्रधानमंत्री मोदी जी ने कहा कि पिछले दो सालों से दुनिया महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है। इस लड़ाई को हम सब को मिलकर मिलकर निपटना होगा।

उन्होंने कहा कि भारत अकेला देश है जो जलवायु परिवर्तन को लेकर पेरिस समझौते का पालन पूर्णतयः पालन कर रहा है। हमें इस बात गर्व है कि भारत दुनिया को इंटरनेशनल सोलर अलायंस के बैनर तले लेकर आया है। भारत में डेवलपमेंट होने पर, मानवता का विकास अपने आप हो जाता है। जलवायु परिवर्तन आज विश्व के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ा है।

दुनिया को इस बात को स्वीकार करना होगा कि जलवायु परिवर्तन का असर सबसे पहले हम पर ही होगा। क्लाइमेट चेंज से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है कि हमें अपनी लाइफस्टाइल को प्रकृति के हिसाब से बदलना होगा। 800 मिलियन लोगों को राशन उपलब्ध कराया जा चुका है।

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भारत में एक और बड़ी योजना आकार ले रही है भारत के हर घर में जल्द पीने के साफ पानी का कनेक्शन होगा। भारत सरकार आने वाली पीढ़ी के लिए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने जा रही है। कोरोना के अलावा भी कई चुनौतियां बनी हुई हैं। सबसे बड़ी चुनौतियों में गरीबी है। गरीबों को सरकारों पर अधिक निर्भर बनाकर इसे लड़ा नहीं जा सकता। गरीबी से तब लड़ा जा सकता है जब गरीब सरकारों को विश्वसनीय भागीदार के रूप में देखना शुरू कर दें। सरकारें उन्हें गरीबी से लड़ने के लिए बुनियादी ढांचा देंगीं। जब गरीबों को सशक्त बनाने के लिए शक्ति का उपयोग किया जाता है तो उन्हें गरीबी से लड़ने की ताकत मिलती है।

हमारे प्रयासों में बैंकिंग का उपयोग न करने वाले लोगों को बैंकिंग से जोड़ना, लाखों लोगों को सामाजिक सुरक्षा कवरेज देना, 500 मिलियन भारतीयों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा देना शामिल है। भारत में एक और जन आंदोलन हो रहा है, हर घर में पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराना है। अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर रही है।

सुनील शुक्ल

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