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स्‍वास्‍थ्‍य कथा के प्रचारक राजीव दीक्षित

सत्‍यम् लाइव, दिल्‍ली: स्‍वास्‍थ्‍य कथा के प्रचारक इलेक्‍ट्र्राा‍निक्‍स एण्‍ड कम्‍युनिकेेेेेशन से आईआईटी करने के बाद भारत के कई पुुराने विषयों पर शोध कार्य करने वाले को आज महर्षि राजीव दीक्षित के नाम से जाना जाता है। महर्षि राजीव दीक्षित का कथन था कि भारत में रसोई की परिभाषा है कि घर के जिस स्‍थल पर मानव शरीर को स्‍वास्‍थ रखने के लिये सप्‍त रसों का निर्माण किया जाये उसे रसोई कहा जाता है। उनके ज्ञान को कुछ और सीखने पर सच में ये ज्ञात होता हैै कि नारी तभी प्रबला है जब वो अपने परिवार को स्‍वस्‍थ रखने की कला अपने परिवार से जानती है अन्‍यथा उसे अबला ही कहा जाता हैै और भारत माता एक मात्र ऐसा देश है जिसकी स्‍त्री पुरूष की शक्ति कही गयी है। इतना ही नहीं ऋग्‍वेद केे १०/१५९ सूक्‍त ६ ऋचाओं मेंं नारी को अपने परिवार की देखरेख रसोई से कर लेने पर वीर भावना केे साथ प्रबला बताया गया है।

उदसौ सूर्यो अगादुदयं मामको भग:, अहं तद्विद्वला पतिमभ्‍यसाक्षि‍ विषासहि‍:

अर्थ : वह सूर्य उदय हो आया है, उसके साथ ही यह मेरा सौभाग्‍य भी उदय हो गया है मैं उस सौभाग्‍य करे प्राप्‍त करके अपने पति को वश में स्‍वस्‍थ रखती हूॅ तथा मैं सभी को स्‍वस्‍थ रखती हूूॅूॅूॅ।

स्‍त्री की का विशेष कार्य बताते हुए महर्षि राजीव दीक्षित का कथन था नारी को रसोई के बारे में पुन: प्रबला बना दो। भारत में मेडिकल सुविधा की नहीं बल्कि मेडिकल ज्ञान की आवश्‍यकता हैै और ये ज्ञान युगो युगों से भारतीय नारी को दिया जाता रहा है जिसकेे कारण एक वाक्‍य ”नारी पुरूष की शक्ति‍ है” प्रचलित रहा हैैै। यूूूूूरोप की सभ्‍यता में प्‍लेटो नारी को उपभोग की वस्‍तु बताता हैै परन्‍तु भारत में नारी सदैव पुज्‍यनीय रही है और जब तक भारत की रसोई जिन्‍दा है सदैव पुजनीय रहेगी। राजीव दीक्षित का कथन था कि दिनचर्या और ऋतुचर्या से सम्‍बन्‍ध मेें थोडा सा ज्ञान भारत में मनुष्‍य को स्‍वस्‍थ बना सकता है ये ज्ञान रसोई के माध्‍यम से नारी के पास रहेगा तो वो समाज में आदरणीय बनी रहेगी। पश्चिमी सभ्‍यता के विकसीत होते हुए नारी का सम्‍मान भी इसी कारण से कम हुआ है। राजीव भाई का कथन था कि भोजन केे अन्‍त में पानी पी लेना विष पी लेने के बराबर है। अत: भोजन केे लगभग १-३० घण्‍टेे बाद पानी पियें अन्‍यथा कब्जियत से प्रारम्‍भ होकर १०३ रोगों को ये प्रक्रिया जन्‍म दे देती है। वैदिक नारी पुन: भारत जन्‍म लेगी ऐसा प्रयास आज राजीव दीक्षित के बहुत से अनुयायी निरन्‍तर कर रहे हैं। ऐसा ही एक प्रयोग तिरंगा सेना पर साधवी जी द्वारा करा गया तो ज्ञात हुआ कि जो महिला हिन्‍दी पढना भी नहीं जानती हैै वो भी अपनी रसोई मेें कुशल कारीगर बन गयी है तथा समाज के उस विषाक्‍त अंग को अब काटने को तैयार है। अब ये कहना अतिशोक्ति न होगाी कि आयुर्वेद ही भारत की उद्वारक है वही भारतीय समाज को राह दिखा सकती है। ——— सुनील शुक्‍ल उपसम्‍‍‍‍‍‍पादक

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