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हैण्‍ड सैनिटाइजर या हाथ प्रक्षालक

सत्‍यम् लाइव, 4 अप्रैल 2020, दिल्‍ली। बढता कोरोना के प्रकोप से बचने लिये लगामार हैण्‍ड सैनिटाइजर का उपयोग करके आप अपने आपको कीटाणुओं से बचाते रहें इससे आपके हाथ में कीटाणुओं और बैक्‍टीरिया हाथ से निकल जायेगें और साथ ही भीनी भीनी महक भी आती रहेगी। ऐसी बात सबको बताई जा रही है और ये बात कोई साधारण व्‍यक्ति‍यों द्वारा नहीं बल्कि भारत के सरकारी संस्‍थानों की तरफ से बताई जा रही है। तो चलो देखते हैंं कि जिस हैण्‍ड सैनिटाइजर से हाथ धोने को कहा जा रहा है उसमें क्‍या क्‍या ऐसा डाला गया है जिससे कीटाणु मर जाते हैं और आप स्‍वस्‍थ रहते हैं। सर्व प्रथम तो इसका हिन्‍दी हाथ प्रक्षालक है गुगल करने पर इसकी परिभाषा मिलती है कि साबुन तथा पानी के स्‍थान पर हाथ धोने तथा कीटाणु रहित करने के लिये उपयोग में लाये जाने वाला जेल, फोम या द्रव को हाथ प्रक्षालक कहते हैं। अर्थात् इसका उपयोग उस स्‍थान पर किया जाता है जहॉ पर पानी न हो या कम हो।

हैण्‍ड सैनिटाइजर या हाथ प्रक्षालक

हैण्‍ड सैनिटाइजर का उपयोग करके हाथ धोते रहने से कीटाणु समाप्‍त हो जाते हैं ये तो बात ठीक है पर कितना उपयुक्‍त है ये सुझाव, इस पर जब विचार आया तो कई प्रकार के सैनिटाइजर में पडे हुए केमिकल के बारे मेें पता किया और फिर उन्‍हें केमिस्‍ट्री से उनकी उपयोगिता जानना चाहा। तो पता चला कि आइसोप्रोरल अल्‍कोहल, इथेनॉल या एन-प्रोपेनोल की कुछ मात्राएं इसमें डाली जा रही हैं इनकी जितनी अच्‍छाईयॉ नहीं है उससे कहीं ज्‍यादा वो खतरनाक है जैसे बच्‍चों की सेहत पर सबसे पहले बुरे असर डालता है। किसी की त्‍वचा पर लालिमा या फंगस जैसी बीमारी लाने का कार्य करता है। त्‍वचा को धीरे धीरे रूखी कर देता है कुछ प्रयोग बताते हैं कि बच्‍चों के अन्‍दर की शक्ति को कमजोर (इम्‍यूनिटी) कम कर देता है। ट्राइक्‍लोसान नामक केमिकल को स्किन सोख लेती है ये रक्‍त में शामिल हो जाता है और फिर मॉसपेशियों को बढने की समस्‍या पैदा करता है। कुछ में फैथलेटस नामक डाले जाने वाला रसायन बहुत खतरनाक है और सबसे ज्‍यादा यही डाला जा रहा है ये केमिकल महक के लिये प्रयोग किया जाता है ये लीवर, किडनी, फेफडेे तथा प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुॅचाता है। इसके अलाावा कुछ में बेंजाल्‍कोनियम क्‍लोराइड होता है ये कीटाणु और वैक्‍टीरिया नाशक तो है परन्‍तु ये आपकी त्‍वचा में जलन, खुजली पैदा करता है। सोडियम हाइडोक्‍साइड तो एक नशीली दवा है जिसकाेे सदैव डॉक्‍टर रात्रि में ही लेने को कहता है क्‍योकि इसके सेवन के बाद निन्‍द्रा आती है शरीर सुस्‍त हो जाता है। मात्रा अधिक हो जाने पर त्‍वचा में पित्‍ती उभर आती है। गर्भवती माता के लिये तो इसका प्रयोग सदैव वर्जित है।

स्‍वयं तैयार करे हाथ प्रक्षालक

आप कहेंगे कि फिर कैसे बचे कीटाणु से तो आपको बता दें कि हैण्ड सैनिटाइजर बनाया ही गया था वहॉ के लिये जहॉ पानी की कमी हो। भारत देश में पानी की कोई कमी नहीं है वैसे भी पिछले साल की बरसात को अभी व्‍यक्ति भूला नहीं है जो अभी भी हर दूसरे तीसरे हो रही है और फिर आपको यदि हैण्‍ड सेनिटाइजर का प्रयोग करना ही है तो भारत की मात्रा भाषा में पुकारें और घर पर स्‍वयं बना लें। इससे दो फायदे होने वाले हैं एक तो सस्‍ता, दूसरा केमिकल रहित। ब्‍यूटी पार्लर चलाने वाली श्रीमती पूनम से जब पूछा तो उन्‍होंने बताया कि आप स्‍वयं बना सकते हैं कि ग्‍लसरिन में एलोवेरा जेल तथा साथ ही लेमन, यूकेल्पि‍टिस या औरेंज आयल के साथ बादाम का तेल अच्‍छी तरह मिलकार एक शीशी में रख लें और जब कहीं जाये तो साथ लेते जायें। बिना ज्‍यादा पैसा खर्चा करे शुद्व हाथ प्रक्षालक तैयार हो जायेगा।

उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल

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