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इधर भूकम्‍प, उधर चक्रवात और ये कोरोना

सत्‍यम् लाइव, 4 मई 2020 दिल्‍ली।। एक तरफ नोवेल कोरोना ने इन्‍सान को अन्‍दर बन्‍द कर रखा है तो दूसरी तरफ एक बाद दूसरे आये चक्रवात ने इन्‍सान को बन्‍दी बना दिया है। चक्रवात की परिस्थितियों से राजधानी दिल्‍ली सहित पूरा भारत बचा हुआ है लगातार 9 बार आये भूकम्‍प ने अब लोगों की चिन्‍ता बढा दी है। दिल्‍ली एनसीआर में बुधवार रात्रि 10 बजकर 42 मिनट पर पुन: भूकम्‍प के झटके महसूश किये गये हैं। इस भूकम्‍प का केन्‍द्र गौतमबुद्ध नगर जिलेे में नोएडा के 19 किलोमीटर दि‍क्षिण पूर्व में था। अब तक दिल्‍ली-एनसीआर के क्षेत्र में लाॅॅॅॅॅॅॅकडाउन से लेकर कल रात्रि तक नौ बार भूकंप का आना हर किसी के लिए एक बड़ा सवाल बना हुआ है। वैसे तो इस सवाल पर कभी भी सही उत्‍तर दे पाना सम्‍भव हो क्‍योंकि भूकम्‍प के बारे में पहले से अनुमान लगा पाना अभी तक भी सम्‍भव नहीं है। अभी तक आये भूकम्‍प रिएक्‍र इतना कम था कि कहींं से कोई अप्रिय घटना की सूचना प्राप्‍त नहीं हुई है। इस समय वैसे प्राकृतिक आपदा की बाढ सी आ गयी है पहले तो अम्‍फान चक्रवात, फिर निसर्ग चक्रवात और भारत की राजधानी में लगातार भूकम्‍प के झटके महसूश किये जा रहे हैं। अब तक आये भूकम्‍प का रिएक्‍टर 4.6 रहा है यदि यही रिएक्‍र 6.0 तक पहुॅॅच जाये तो नुकसान कर सकता है। इससे ज्‍यादा रिएक्‍टर भूकम्‍‍प अगर गढवाल को केन्‍द्र बनाकर आता है तो उत्‍तर प्रदेश के बहुत बडे भाग को नुकसान पहुॅचा सकता है। हलांकि वैज्ञानिक का कहना है कि इससे ज्‍यादा भूकम्‍प आने की सम्‍भावना नहीं है परन्‍तु ये भी नहीं भूलना चाहिए कि आज तक प्रकृति के आगे सारे विज्ञान फेल होते रहे हैंं और भविष्‍य मेंं भी होते रहेगें।

उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल

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