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दिल्ली की अरविन्द सरकार महिलाओं के मुद्दां के प्रति पूर्णतः असंवेदनशील है। – अमृता धवन

सत्‍यम् लाइव, 11 दिसम्बर 2020, दिल्ली : दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमृता धवन ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाया कि अरविन्द सरकार महिलाओं के प्रति पूर्णतः असंवेदनशील है। अमृता धवन ने महिलाओं मासिक चक्र पर चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया के चलते सरकार और समाज को किसी भी प्रकार भेदभाव और संर्कीणता का व्यवहार नही अपनाना चाहिए।

प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अरविन्द सरकार ने सत्ता में आते ही कांग्रेस की शीला सरकार द्वारा 2010 में लागू किशोरी योजना को बंद कर दिया, जिसके द्वारा सभी 6-12 कक्षा की स्कूली छात्राओं को प्रतिमाह निशुल्क सेनिटरी नेपकिन मुहैया कराए जाते थे। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर को भी रखा गया था।

संवाददाताओं को सम्बोधित करते हुए अमृता धवन ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों का मासिक चक्र कोई सीजनल और ऑकेशनल नही होता, यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके लिए अरविन्द सरकार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नही कर रही है।

उन्हांने कहा कि दिल्ली सरकार ने कांग्रेस की किशोरी योजना को बंद करके स्कूली छात्राओं के लिए 2019 में उड़ान नाम में योजना शुरु की जिसके तहत सरकार 6 रुपये की दर से 6 नेपकिन का पैकेट 50,000 छात्राओं को मुहैया कराने का लक्ष्य रखा और इस योजना के लिए टेंडर जारी करके कम्पनी को नामित किया।

उड़ान योजना के द्वारा अप्रैल मई, जून, अक्टूबर, नवम्बर और दिसम्बर महीने में सिर्फ 6 महीने ही स्कूली छात्राओं और स्कूल छोड़ चुकी सिर्फ 30,000 लड़कियों को सेनिटरी नेपकिन मुहैया कराऐ गए जो लगभग 10 महीने से बंद कर दिए गए है।


अमृता धवन ने कहा कि महिलाओं का यह मुद्दा राजनीतिक और आप्टिक्स करने का मुद्दा नही है, यह एक अहम और जरुरी मुद्दा है। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल की महिलाओं के प्रति असंवेदनशीलता इस बात से जाहिर होती है कि आम आदमी पार्टी के तीन कार्यकालों में एक भी महिला को केबिनेट में शामिल नही किया गया है, जबकि महिलाओं के जरुरी मुद्दो पर एक महिला ही योजनाओं को लागू करा सकती है।

उन्होंने कहा कि सेनिटरी नेपकिन के लिए नए टेंडर को नही निकालने की अरविन्द सरकार की कोविड महामारी की दुहाई बेनामी है और अपनी नाकामियों को छिपाने का एक और बहाना है। टेंडर प्रक्रिया एक ऑनलाईन प्रक्रिया है और महामारी में जब पूरा विश्व WORK FROM HOME कर रहा है तो टेंडर लागू न करने पर अरविन्द सरकार का चेहरा बेनकाब हो गया है।

उन्होंने कहा कि नया टेंडर 2020-2021 के लिए अरविन्द सरकार का यह बयान कि योजना को नई रुपरेखा के तहत शुरु किया जाएगा। इससे साफ जाहिर होता है नए टेंडर में नए भ्रष्टाचार के लिए रास्ते खुलेंगे।

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अमृता धवन ने कहा कि दिल्ली सरकार उन 30,000 छात्राओं की लिस्ट जारी करे जिन्हें सरकार ने पिछले वार्षिक सत्र में 6 महीने तक ही सेनिटरी नेपकिन मुहैया कराएं। अमृता धवन ने कहा कि दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस इन 30,000 छात्राओं को निशुल्क सेनिटरी नेपकिन बांटेगी, जबकि अरविन्द केजरीवाल की दिल्ली सरकार 6 नेपकिन पैकेट को 6 रुपये में देती थी।

उन्होंने कहा कि सेनिटरी नेपकिन पर वार्षिक 2.5 करोड़ रुपये वार्षिक व्यय होगा जिसे महिला कांग्रेस तब तक इन छात्राओं को नेपकिन का वितरण करती रहेगी जब तक आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार इन छात्राओं को नेपकिन देने में सक्षम नही होती।

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