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कक्षा 12 में कोरोना फेंक न्‍यूज ……

सत्‍यम् लाइव, 14 अप्रैल 2020, दिल्ली।। नोवेल कोरोना वायरस को लेकर पूरा दुनिया परेशान है परन्‍तु कहते है भारत में ज्‍योतिष शास्‍त्र के दम पर व्‍यक्ति पहले ही भविष्‍यवाणी कर दी जाती हैऔर लगभग वैसा ही होता है आप कहोगे कैसे बात कर रहे हो ? आज महान वैज्ञानिक युग में। हॉ जी भारत में आज भी ऐसा हुआ है इस कोरोना को लेकर। सोशल मीडिया पर डाॅॅ. रमेश चन्‍द्र गुप्‍ता द्वारा लिखित कक्षा 12 की जन्‍तु विज्ञान की किताब का पेज न. 1072 वायरल हो रहा है जिस पर कोरोना वायरस से होने वाले रोग तथा उसकेे उपचार तक लिखा हुआ है। एक तरफ सारा टीवी, सारा मीडिया सुबह से शाम तक सिर्फ एक नाम भज रहा है वहीं पर डॉ. रमेश चन्‍द्र गुप्‍ता जी ने इसको बच्‍चों को पढा भी डाला है।

आप भी नजर डालें-

ये पेेज वायरल हो रहा है।
  • इस पुस्‍तक में साधारण जुकाम को अनेक प्रकार के विषाणुुुुुुओं द्वारा होता हुआ बतया गया है। इसमें 75 प्रतिशत रहीनोवायरस तथा शेष कोरोना वायरस होता है।
  • इसमें लिखा है कि, ‘साधारण जुकाम अनेक प्रकार के विषाणुओं द्वारा होता है। इसमें 75 % रहीनोवाइरस तथा शेष में कोरोना वायरस होता है ‘। देखने से ज्ञात हुआ कि पेज न. 1071 से ये अध्‍याय प्रारम्‍भ हुआ है और 1073 तक इसका विशेलेषण दिया हुआ है।
  • स्‍क्रीन शॉट लेकर सोशल मीडिया पर इस पोस्‍ट को बहुत से लोगों ने शेयर है यह किताब जन्‍तु विज्ञान की है कक्षा 12 में पढाई जा रही है साथ ही लेखक डॉ रमेश गुप्‍ता जी हैंं।

फेंक समाचार पर बताई गयी सच्‍चाई

  • कोरोना वायरस पर उपचार के भ्रामक संदेशों से सावधान रहें। हमेशा सटीक जानकारी हेतु स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों का पालन करेंं।
  • विशेषज्ञाेें के अनुसार कोरोना वायरस कोई एक वायरस नहीं होता है, बल्कि यह वायरस की एक फैमिली का नाम है। इस फैमिली में सैकडों वायरस होते हैं।
  • इसी फैमिली के कुछ वायरस सर्दी जुकाम करते है ये वायरस उसी फैमिली का है जो डॉ. गुप्‍ता ने बताया है।
  • अभी जिस वायरस की बात चल रही है उससे श्‍वॉस लेने में भी समस्‍या खडी होती हैं।
  • इस बीमारी की अभी भी दवा ईजाद नहीं है।

कोरोना शब्‍द की अर्थ :-

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लैटिन भाषा में कोरोना का अर्थ मुकुट बताया गया है इस वायरस के कणों के इर्द-गिर्द उभरे हुए कांटे जैसे ढॉचों से इलेक्‍ट्रान सूक्ष्‍मदर्शी में मुकुट जैसा दिखाई देता है इसी कारण से इसका नाम कोरोना कहा गया।

सौर कोरोना :-

सूर्य ग्रहण के समय जब चन्‍द्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढक लेता है उस समय जब सूर्य का बाहरी हिस्‍सा चन्‍द्रमा के ढकने के बाद दिखाई देता है अर्थात् जो प्रकाश दिखाई देता है उसे सौर कोरोना कहते है।

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