Trending News
prev next

CM केजरीवाल ने PM मोदी और राहुल गांधी को पत्र लिखा ,मिलने का माँगा समय

दिल्ली: दिल्ली में सीलिंग के मसले सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव जारी है। सीलिंग पर सियासत तेज होने के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर कानून बनाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही सीएम केजरीवाल ने दोनों ही नेताओं से मुलाकात का समय भी मांगा है।

केजरीवाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र , ‘दिल्ली में आजकल व्यापारियों की दुकानें सील की जा रही हैं। ये वो व्यापारी हैं जो ईमानदारी के साथ 24 घंटे मेहनत करके अपना व्यापार चलाते हैं और सरकार को टैक्स देतें हैं। ये बेईमान नहीं हैं। ये वो लोग हैं जो देख के विकास में अपना सहोयगा करते हैं।’

सीलिंग की बजह बताते हुए सीएम केजरीवाल ने लिखा कि सीलिंग का कारण यह है कि कानून में कुछ विसंगतियां हैं। इन विसंगतियों को दूर करने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की है। केंद्र सरकार ने समय रहते इन विसंगतियों को दूर नहीं किया। अब इसका खामियाजा इन व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। केजरीवाल ने लिखा, ‘मेरा आपसे अनुरोध है कि तुरंत संसद में कानून लाकर सीलिंग बंद कराई जाए और जो दुकानें सील हो गई हैं उनकों खुलवाया जाए। इस पूरी स्थिति की गंभीरता से आपको अवगत कराने के लिए मैं आपसे मिलना चाहता हूं।’

Advertisements

वहीं, राहुल गांधी को केजरीवाल ने पत्र में लिखा, ‘दिल्ली में छोटे-छोटे व्यापारियों की दुकानों को सील किया जा रहा है, जिसके कारण लाखों लोग बेरोजगार हो रहे हैं। आपसे निवेदन हैं कि इस मुद्दे को जोर-शोर से संसद में उठाया जाए और केंद्र सरकार को इस पर बिल पारित करने के लिए बाध्या किया जाए। ये ऐसा मुद्दा है जिसपर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान निकालना चाहिए। इस विषय पर चर्चा के लिए मैं आपसे मिलना चाहता हूं।’

उच्चन्यायालय ने मंगलवार को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2021’ के प्रस्तावित संशोधनों पर रोक लगा दी है। संशोधनों के तहत धरातलीय क्षेत्रफल अनुपात (एफएआर) बढ़ाकर राष्ट्रीय राजधानी में सीलिंग ड्राइव से व्यापारियों को राहत देने की बात कही गई थी। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने मास्टर प्लान में संशोधन से पर्यावरण पर प्रभाव के आकलन वाला हलफनामा दाखिल न करने पर दिल्ली सरकार और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को फटकार लगाई। न्यायालय ने कहा, ‘यह अवमानना है। एमसीडी और डीडीए की दादागीरी बंद होनी चाहिए। आप अदालत को यह नहीं बता सकते कि आप आदेशों का पालन कर रहे हैं, लेकिन वहीं करेंगे जो आप चाहेंगे।’

विज्ञापन

अन्य ख़बरे

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.