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बरसाना (मथुरा) उ.प्र. मे योगी सरकार के अधिकारियों की तानाशाही?

Barsana (Mathura) U.P. The dictatorship of Yogi government officials?

बरसाना/ मथुरा: बरसाना आज हम आपको एक ऐसी सच्चाई के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें 2 महिलाओं द्वारा जब अपनी व्यथा ब्रज लाइव ऑनलाइन टीवी चैनल को बताई जिसका प्रसारण 30 अप्रैल 2019, को ब्रज लाइव पर खबर प्रकाशित की गई, खबर से खौफ जाद हुई बरसाना नगर पंचायत अधिशासी अभियंता अनामिका सिंह द्वारा बरसाना थाना में दोनों महिलाओं एवं पत्रकार के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया घटना की जानकारी के अनुसार बरसाना गुजराती कॉलोनी निवासी शांति देवी कई महीनों से नगर पंचायत में चक्कर लगाने के बाद भी कार्य नहीं हुआ तो मीडिया का सहारा लिया गया वही गुजराती कॉलोनी की रहने वाली अनुराधा शर्मा वाइफ संजय कटारा के द्वारा बताया गया कि नगर पंचायत की अधिशासी अभियंता द्वारा उनकी जमीन पर जबरन 200 फुट जमीन को नव निर्माण हो रहे करंजी में दे दिया गया है

इसका विरोध जब किया गया तो अनामिका सिंह ने अनुराधा शर्मा के पति संजय कटारा को 28 अप्रैल को दोपहर थाने बुलाया गया थाने में संजय कटारा पर दबाव बनाते हुए साइन करा लिए गए संजय कटारा को धमकाया गया के तुम जब तक यह काम हो रहा है तब तक के लिए कहीं बाहर चले जाओ नहीं तो तुम्हारे साथ अच्छा नहीं होगा इस बात की जानकारी संजय कटारा की पत्नी अनुराधा शर्मा द्वारा ब्रज लाइव चैनल को साक्षात्कार देते हुए बताया वहीं मौजूद शांति देवी द्वारा नगर पंचायत एवं थाना पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी परेशानी को मीडिया के सामने बताया जिसकी खबर को ब्रज लाइव द्वारा प्रकाशित किया गया ब्रज लाइव एक वेब पोर्टल न्यूज़ चैनल यूट्यूब पर खबर को प्रकाशित किया गया खबर को देख अनामिका सिंह द्वारा 1 मई 2019 दोपहर बरसाना थाना में जाकर श्रीमती शांति देवी एवं अनुराधा शर्मा पत्नी संजय कटारा व ब्रज लाइव एवं दैनिक हिंदी पेपर डीएलए के पत्रकार कन्हैया शर्मा पर झूठा आरोप लगाकर सरकारी कार्य में बाधा गाली गलौज जान से मारने की धमकी आदि की लिखित शिकायत बरसाना थाना में दर्ज कराई बरसाना पुलिस द्वारा तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर शाम को ही जेल भेज दिया पत्रकार को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस ने पत्रकार के घर दबिश देना शुरू कर दिया मजबूरन पत्रकार को भूमिगत होना पड़ा बरसाना पुलिस ने बिना सच्चाई को जाने कार्यवाही कर दी।

अब महिलाओं को जमानत पर रिहा किया गया है पत्रकार द्वारा मीडिया संगठन से अपनी परेशानी के बारे में बताया गया इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल न्यूज़ पेपर्स के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष रविंद्र गुप्ता द्वारा इस विषय को लेकर मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखित रूप से बताया गया की निर्दोष पत्रकार को फंसाया जा रहा है अगर पत्रकार द्वारा खबर नहीं चलाई जाएगी तो जनता को कैसे पता चलेगा कि सच्चाई क्या है आज अधिकारी द्वारा दबंगई के चलते सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है इस घटना की सही जानकारी के लिए बरसाना नगर पंचायत में लगे सीसीटीवी फुटेज की मांग की जिससे घटना की सही जानकारी हो सके वही पत्रकार कन्हैया शर्मा द्वारा पुलिस महानिदेशक लखनऊ को लिखित रूप से पत्र दिया गया जिस पर आदेश किया गया अब देखना होगा के पुलिस निर्दोषों पत्रकार के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है यूनियन के पदाधिकारी द्वारा कप्तान से फोन पर वार्ता की गई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा द्वारा बताया गया कि जांच की जा रही है जांच की रिपोर्ट आने पर सूचित किया जाएगा।

क्या योगी सरकार मे सच कहना या दिखाना ग़लत है?

क्या पत्रकारों पर यूँही फ़र्ज़ी मुकदमे दर्ज होते रहेंगे?

सावधान यदि आप बीजेपी सरकार मे उनके अधिकारियो से न्याय माँगगे तो जाना पड़ेगा जेल?

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