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85% राजस्‍व कम … मनीष सिसौदिया

साथ ही कुमार विश्वास ने केजरीवाल सरकार पर साधा निशाना5000 करोड की मॉग के साथ केन्‍द्र सरकार को 26 मई 2020 को लिखा पत्र। प्रेस वर्त्‍ता में दिल्‍ली के उपमुख्‍यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री ने कहा ”दिल्‍ली मेंं लॉकडाउन केे दौरान 9 लाख छात्र/छात्राओं ने लाभ उठाया है।

सत्‍यम् लाइव 1 जून 2020 दिल्‍ली।। दिल्‍ली केे उपमुख्‍यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को ऑनलाइल प्रेस वर्त्‍ता करते हुए कहा कि लॉकडाउन के कारण पूरे देश की अर्थव्‍यवस्‍था बुरी दशा में आ चुकी है और दिल्‍ली पर भी इसका बुरा असर पडा है। इसी कारण से दिल्‍ली सरकार ने केन्‍द्र सरकार से 5 हजार करोड की आर्थिक मदद मॉगी है। सिसोदिया जी ने बताया कि केन्‍द्रीय मंत्री को 26 मई 2020 को पत्र लिख कर मॉग की है। जिससे कर्मचारियों, शिक्षकों, डॉक्टर, इंजीनियर, सिविल डिफेंस के लोग तथा कोरोना राहत में जुटे अन्य कर्मियों को सैलरी का भुगतान कर पाएंगे। दिल्‍ली सरकार के केवल वेतन और कार्यालय का न्‍यूनतम खर्चा 3500 करोड का मासिक खर्चा है जबकि पिछले दो माह में मात्र 5000 करोड मासिक जीएसटी के तहत पर प्राप्‍त हुआ है। जीएसटी और अन्‍य स्रो मिलाकर प्रथम तिमाही में कुल 1735 करोड रूपये मात्र ही प्राप्‍त हुआ है। पिछले साल इस अवधि में 7799 करोड का राजस्‍व प्राप्‍त हुआ था। इस वर्ष राजस्‍व में 78 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसलिये 5000 करोड की आवश्‍यकता है। अब तक आपदा राहत कोष के रूप में अन्‍य राज्‍यों को केन्‍द्र सरकार से मिदद मिली है लेकिन दिल्‍ली सरकार को अब तक कोई मदद नहीं मिली है। इस संकट के दौर मेें डि‍जिटल तकनी‍क की मदद से ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन करना काफी चुनौतीपूर्ण था। भारतवासी ने कभी ऐसी तकनीक का इस्‍तेमाल नहीं किया था। दिल्‍ली केे नौ लाख बच्‍चों ने ऑनलाइन शिक्षा का लाभ उठाया है। सिसोदिया ने केंद्रीय वित्तमंत्री को पत्र में लिखा कि कोरोना नियंत्रण में, दिल्ली देश के अग्रणी है। वित्त वर्ष 2020-21 में दिल्ली विधानसभा ने 65000 करोड़ का बजट पास किया है। इसमें 35500 करोड़ का खर्च स्थापना, लोकल बॉडीज को योगदान तथा ब्याज इत्यादि में होता है। सामान्य स्थिति में दिल्ली अपने संसाधनों से अपना खर्च उठाने में सक्षम है। मौजूदा संकट में केंद्र सरकार की मदद की आवश्यक है। यदि केंद्र सरकार 5000 करोड़ अनुदान देती है तो दिल्ली नगर निगम को वेतन तथा स्थापना व्यय देने में भी सुविधा होगी।

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इसको दुर्भाग्‍य पूर्ण बताते हुए कुमार विश्वास ने केजरीवाल सरकार पर सीधा निशाना साधा है और कहा कि पहले विज्ञापनों और चुनावी-रेवडियों पर पैसे खर्च करके अब कह रहे हैं कि डॉक्टरों की सैलरी देने के लिए पैसे नहीं हैं। विश्वास ने अपने ट्वीट में लिखा- “लाखों करोड़ की चुनावी-रेवड़ियां, टैक्सपेयर्स के हज़ारों करोड़ अख़बारों में 4-4 पेज के विज्ञापन व चैनलों पर हर 10 मिनट में थोबड़ा दिखाने पर खर्च करके, पूरी दिल्ली को मौत का कुआं बनाकर अब स्वराज-शिरोमणि कह रहे हैं कि कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों को सैलरी देने के लिए उनके पास पैसा नहीं हैं।” इतने कडे शब्‍दों में लिखते हुए कुमार विश्‍वास ने आज दिल्‍ली कर्मचारी को देने केे लिये पैसा नहीं है।

उपसम्‍पादक सुनील शुक्‍ल

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