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राष्‍ट्रपति और PM ने देशवासियों को दी ईद की बधाई

नई दिल्ली: देशभर में आज ईद मनाई जा रही है। ईद-उल-फितर के मौके पर दिल्ली में जामा मस्जिद पर हजारों लोगों ने नमाज पढ़ी और एक दूसरे को मुबारकबाद दी। मुंबई में भारी बारिश के बीच लोगों ने ईद की नमाज पढ़ी। कश्‍मीर घाटी में भी शांति रही और लोगों ने मस्जिदों में जाकर नमाज अदा की। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को ईद की बधाई दी है।

सुबह होते ही ईद की नमाज की तैयारियां शुरू हो गईं और लोग नमाज पढ़ने पहुंचे। मुंबई में तो ईद के इस जश्न में बारिश भी शामिल हो गई। हालांकि, इसके चलते मुस्लिम समुदाय के लोगों को कई इलाकों में बारिश में भीगते हुए नमाज पढ़ी। दिल्ली में भी जामा मस्जिद पर हजारों लोगों ने ईद की नमाज अदा की और एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

ईद को लेकर लोगों का उत्साह चरम पर है। चांद नजर नहीं आने के चलते शुक्रवार को ईद नहीं हो सकी लेकिन लोगों ने सोशल मीडिया पर बधाइयों का सिलसिला शुरू कर दिया है। बॉलीवुड सितारों ने भी इस मौके पर अपने चाहने वालों को ईद की बधाईयां दी। अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र समेत तमाम बड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया पर अपने फैन्स को शुभकामनाएं दी हैं।

राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद-उल-फितर की पूर्व संध्‍या पर देशवासियों को बधाई दी और समाज में भाईचारा और आपसी समझ बढ़ने की कामना की। राष्‍ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, ‘ईद-उल-फितर के पाक मौके पर मैं सभी नागरिकों और विशेष रूप से देश और विदेश में रहने वाले हमारे मुस्लिम भाइयों और बहनों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ईद का पर्व हमें भाईचारा और समाज में एक साथ रहने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा, ‘रोजेदारों की इबादत के बाद पवित्र रजमान महीने का समापन उत्‍सव मनाने का अवसर है। मैं कामना करता हूं कि इस अवसर पर हमारे समाज में भाईचारा और आपसी समझ बढ़े।
हिजरी कैलेण्डर के अनुसार ईद

1- रमजान में रोजेदार पूरे महीने अल्लाह की इबादत करने के साथ पूरी तरह से संयम बरते हुए रोजे रखते हैं। आखिर रोजे के बाद चांद के दीदार होने के साथ रोजे रखने की ताकत देने के लिए इस दिन अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं।

2- हिजरी कैलेण्डर के अनुसार ईद साल में दो बार आती है। एक ईद होती है ईद-उल-फितर और दूसरी ईद-उल-जुहा। ईद-उल-फितर को मीठी ईद भी कहा जाता है, जबकि ईद-उल-जुहा को बकरीद के नाम से भी जाना जाता है।

3- फितर को अरबी भाषा में फितरा कहा जाता है, जिसका मतलब एक दान होता है। दान या जकात किए बिना ईद की नमाज नहीं होती। कहते हैं कि ईद की नमाज से जरूरमंद लोगों को दान दिया जाता है।माना जाता है कि रमजान के महीने की 27वीं रात, जिसे शब-ए-क़द्र को कहा जाता है। जिस दिन कुरान का नुजुल यानी अवतरण हुआ था।

4- मस्जिदों में मुलमान फितरा यानि की जान व माल का सदका करते है। सदका अल्लाह ने गरीबों की इमदाद का एक तरीका दिया है। गरीब आदमी भी इस दिन साफ कपड़े पहनकर सबके साथ मिलकर नमाज पढ़ते हैं।

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