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दिल्‍ली का सियासी पारा बढा और वक्‍त आया कम होने का

सत्‍यम् लाइव, 5 फरवरी 2020, दिल्‍ली में जैसे जैसे 8 फरवरी 2020 अर्थात् वोटिंग की तारीख पास आ रही है वैसे वैसे चुनावी पारा बढता साफ नजर आ रहा है। एक तरफ बीजेपी, तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी साथ ही कांग्रेस भी अपनी किस्‍मत को अंजमाने मैदान में है। ताबडतोड वादे की फरमार और एक दूसरे की पोल खोलने में लगी हुई सारी पाटियॉ अब चुनावी प्रचार की आखिरी तिथि पर नजरें टिकी हुई हैं। 6 फरवरी 2020, शाम सेे बन्‍द चुनाव प्रचार के पश्‍चात् 7 फरवरी 2020, सिर्फ जनसम्‍पर्क ही किया जा सकेगा। जबकि अगले दिन वोटिंग होगी।

जनसम्‍पर्क से पहले प्रत्‍यारोप और आरोप का कार्य हो गया था। बीजेपी की तरफ सेे अमित शाह, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी सहित उत्‍तर प्रदेश केे मुख्‍यमंत्री आदित्‍य नाथ जोगी जी ने भी दिल्‍ली में रैली की। चुनाव प्रचार देखकर जब सत्‍यम् लाइव ने जनता से सम्‍पर्क किया तो बुद्विजीवि वर्ग का कथन था कि ”ये सब चुनाव प्रचार है और इसमें से एक भी वादे पूरे नहीं होगें।” कुछ राजनीतिज्ञ के जानकारों का तो कथन है कि ”ये सब तो कांग्रेस के समय से देखते आ रहे हैं कि चुनाव मेें जो वादे किये जाते हैं वो अन्‍त में विकास का नाम लेकर उल्‍टी दिशा में पूरे किये जाते हैंं।” एक बुुर्जुग ने यहाॅॅ तक कह डाला अब राम भक्‍त हनुमान को ही इस कलयुुुुग में रक्षा केे लिये आगे आना होगा। वैसे परिणाम चाहे जो भी हो पर जनता में राजनीति से विश्‍वास उठता साफ नजर आता है।

अब दिल्‍ली का भविष्‍य किसके हाथ मेें होगा इस समीक्षा मेें तो अब तक कोई निर्णय नहीं पा सके परन्‍तु इतना अवश्‍य कहा जा सकता है कि भविष्‍य सदैव नींव की मजबूती पर वयां किया जा सकता है और जब आधार ही खोखला हो तो भविष्‍य कहाॅॅ जायेगा ये नहीं कहा जा सकता। पं. उपेन्‍द्र नाथ की यह बात गौर तलब है।

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