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जानिए देश के कुछ अमीर मंदिरो के बारे में

नई दिल्ली: आज भी भारत में ऐसे कई मंदिर मौजूद हैं जिनका वैभव विदेशी आक्रांताओं के सभी हमले झेलने के बावजूद भी बना हुआ है। कुछ ऐसे भी मंदिर हैं जिन्होंने हाल के दिनों में आपार धन चढ़ावे में अर्जित किया है और उनके वैभव व चकाचौंध ने उन्हें देश के अमीर मंदिरों में से एक बना दिया है। इनमें से ही एक है वैष्णो देवी का मंदिर, जहां हर साल लाखों श्रद्धालु आते हैं पीएम मोदी शनिवार को यहां आने वाले भक्तों को एक नए और छोटे रास्ते के रूप में नया तोहफा देने वाले हैं। यह रास्ता 9 किलोमीटर लंबा है और पीएम आज इसका औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

इससे पहले श्राइन बोर्ड प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने नए ताराकोट मार्ग के प्रवेशद्वार के प्रतीक्षा हॉल में विधिवत पूजा-अर्चना की, जिसके बाद देशभर से मां वैष्णो देवी के दर्शन को आए श्रद्धालुओं को इस मार्ग पर आने-जाने की अनुमति दे दी थी। बाणगंगा से अर्धकुंवारी तक 6 किलोमीटर का ट्रैक और कटरा से भवन तक एक टट्टू मुक्त मार्ग हैं जो विशेष रूप से तीर्थ यात्री उपयोग करेंगे। मार्ग की चौड़ाई करीब 20 मीटर है। आइये अब एक नजर डालते हैं इस मंदिर के साथ साथ देश के कुछ दूसरे बड़े और अमीर मंदिरों पर जिनकी धार्मिक मान्यता है।

वैष्णो देवी मंदिर, जम्मू
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी की गुफा में दर्शन को पहुंचते हैं और पैसे और अन्य वस्तुएं दान में चढ़ाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत के इस प्रमुख मंदिर की सलाना आमदनी 500 करोड़ रुपए है।

सिद्धिविनायक मंदिर, मुंबई
आपको जानकर हैरानी होगी कि यहां रोजाना करीब 25 हजार रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक का चढ़ावा चढ़ता है। यहां पर काले पत्थर के बने हुए गणेश भगवान की मूर्ति पर सबसे ज्यादा दान चढ़ाया जाता है। ये मूर्ति करीब 200 साल पुरानी है. मंदिर की वार्षिक आमदनी 48 करोड़ रुपए से 125 करोड़ रुपए के बीच है।

पद्मनाभस्वामी मंदिर, केरल
इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि त्रावणकोर राजघराने ने इस मंदिर पर सोने और कई कीमती जेवरों को चढ़ाया था। जिसके बाद यहां जेवर दान करने की मान्यता ने जन्म लिया। यहां ज्यादातर मूर्तियां सोने की बनी हुई है। कहते हैं यहां विष्णु भगवान की मूर्ति की कीमत 500 करोड़ रुपए है। यहां भी रोजाना लाखों का चढ़ावा आता है।

तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर, आंध्र प्रदेश
इस मंदिर में रोजाना 60,000 भक्त आते हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि लाखों के चढ़ावे के साथ यहां प्रसाद के लड्डू बेचकर सालाना करीब 75 करोड़ रुपए की आमदनी होती है। जबकि मंदिर को दान से साल भर में 650 करोड़ रुपए प्राप्त होते हैं।

साई बाबा धाम, शिरडी
यहां पर दुनिया भर से भक्तजन बाबा के दर्शन करने आते हैं। साल भर के चढ़ावे से 360 करोड़ रुपए की आमदनी होती है। यहां पर कुछ सालों पहले हीरे के दो नेकलेस भी दान पेटी से मिले थे। जिनकी कीमत 92 लाख रुपए थी।

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