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उन्नत जीवन के लिये जरूरी है साहस और संकल्प

एक अच्छी और सच्ची जिंदगी जीने के लिए आदमी के पास उन रास्तों का ज्ञान होना बहुत जरूरी है जो उसे अपने लक्ष्य तक पहुंचाते हैं। सही ज्ञान ही सही दर्शन और सही आचरण दे सकता है। जीने का सही अर्थ वही जान सकता है जिसके पास दृष्टि है, अनुभव है, एवं प्रायोगिक जीवन है। राल्फ वाल्डो एमर्सन ने कहा कि “पूरा जीवन एक अनुभव है। आप जितने अधिक प्रयोग करते हैं, उतना ही इसे बेहतर बनाते हैं।”

हम चिन्तन के हर मोड़ पर कई भ्रम पाल लेते हैं। कभी नजदीक तथा कभी दूर के बीच सच को खोजते रहते हैं। इस असमंजस में सदैव सबसे अधिक जो प्रभावित होती है, वह है हमारी युग के साथ आगे बढ़ने की गति। राजनीति में यह स्वीकृत तथ्य है कि पैर का कांटा निकालने तक ठहरने से ही पिछड़ जाते हैं। प्रतिक्षण और प्रति अवसर का यह महत्व जिसने भी नजर अन्दाज किया, उसने उपलब्धि को दूर कर दिया। नियति एक बार एक ही क्षण देती है और दूसरा क्षण देने से पहले उसे वापिस ले लेती है। वर्तमान भविष्य से नहीं अतीत से बनता है।

शेष जीवन का एक-एक क्षण जीना है- अपने लिए, दूसरों के लिए यह संकल्प सदुपयोग का संकल्प होगा, दुरुपयोग का नहीं। बस यहीं से शुरू होता है नीर-क्षीर का दृष्टिकोण। यहीं से उठता है अंधेरे से उजाले की ओर पहला कदम। यही से प्रारंभ होती है जीवन विकास की यात्रा।
जीवन को ऊंचाई देनी है, इसलिए गहराई भी जरूरी है। बुनियाद जितनी गहरी होगी, मकान उतना ही ऊंचा और मजबूत बनेगा। यूं तो जीवन मूल्यों की श्रेष्ठता से जुड़ा हमारा व्यक्तित्व स्वयं आदर्श बनता है पर एक साथ बहुत-सी अच्छाइयों का अभ्यास कठिन साधना है। आत्म-विकास की इस यात्रा के लिये व्यक्तित्व व्यक्ति का अपना होता है, मगर उसे सृजन, विकास और सुरक्षा में बाहरी परिवेश, वातावरण, सम्पर्क, संवाद, संबंध, सहयोग सभी का योगदान होता है। जिंदगी के सफर में अपने उद्देश्यों के प्रति मन में अटूट विश्वास होना जरूरी है। कहा जाता है-आदमी नहीं चलता, उसका विश्वास चलता है। आत्मविश्वास सभी गुणों को एक जगह बांध देता है यानी कि विश्वास की रोशनी में मनुष्य का संपूर्ण व्यक्तित्व और कर्तृत्व उजागर होता है। बीज से बरगद बनने, दीये से दीया जलने की परम्परा का यही आधार है। आर्ट लिंकलैटर ने कहा भी है कि “ऐसे लोगों के लिए परिणाम सर्वश्रेष्ठ रहते हैं जो कि सामने आने वाली परिस्थितियों में सर्वश्रेष्ठ कार्य निष्पादन करते हैं।”

यूं तो बिना दिशा जाने हुए चलते रहना भी कहीं न कहीं ले ही जाता है। लेकिन सही दिशा में बढ़ाया गया छोटा-सा कदम भी जिंदगी में शानदार बदलाव लाता है। लक्ष्य का होना, जीवन की दिशा का होना है। दिशा से अनजान जोश अकसर हताशा ही देता है। वैसे भी मंजिलें बदलने से आसान दिशा को बदलना होता है। चीनी चिंतक लाउज कहते हैं, ‘अगर आप दिशा नहीं बदलते, तो वहीं तक पहुंच पाते हैं, जिस ओर बढ़ रहे होते हैं। इसलिये सफल और सार्थक जिन्दगी के लिये जीवन में परिवर्तन जरूरी है। डोनाल्ड एम. नेल्सन ने कहा कि ‘हमें यह मानना बन्द कर देना चाहिए कि ऐसा कार्य जिसे पहले कभी नहीं किया गया है, उसे किया ही नहीं जा सकता है।’




उन्नत जीवन के लिये साहस और संकल्प जरूरी होता है। जहां भी ये टूटते हैैं, संपूर्ण रचनात्मक शक्तियां बुझ-सी जाती हैं। दुनिया में कोई भी व्यक्ति वस्त्र, मकान, धन-वैभव के आधार पर बड़ा या छोटा नहीं होता। उसकी महानता उसके विश्वास से बंधी है और विश्वास उसी का होता है जिसके पास साहस और संकल्प होता है। संकल्प ही होता है जो बंद निर्माण के रास्तों को खोल देता है। जो साहसी होता है और आत्मविश्वास से भरा होता है, वह औरों की बैसाखियों पर चलता नहीं, औरों की प्रशंसा पर फूलता नहीं, आलोचनाओं पर पैरों को थामता नहीं। विश्वास से भरा मन परिस्थिति के अनुकूल स्वयं ढलता नहीं बल्कि उन्हें अपने अनुसार ढाल लेता है।

एक अच्छा एवं सफल इंसान होने का अर्थ दूसरों के लिए कुछ करने से कहीं अधिक हैं। सृष्टि में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार कर पाने के पहले जरूरी है कि पहले आप स्वयं को स्वीकार करें और स्वयं से प्रेम करें। स्वयं को एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आप अच्छे दिल के मालिक बने। टामस फुलर ने कहा है कि अच्छा अंतःकरण सर्वोत्तम ईश्वर है।

कार्य प्रारंभ करने से पहले ही अनेक शंकाओं के प्रश्नचिन्ह खड़े कर देते हैं। उनमें अपने प्रति विश्वास नहीं होता। उपहास, आलोचना या असफलता उन्हें उत्तेजित नहीं करती। अपने कदमों पर खड़े होने का साहस भी जिनमें न हो तो भला ऐसे लोग क्या कर पायेंगे अपनी जिंदगी में?
हम क्यों किसी सेे स्वयं को कम मानें जबकि हमारे भीतर अनंत शक्तियों का स्रोत प्रवाहित है। जरूरत सिर्फ अहसास की है। एक बारे पूरे आत्मविश्वास के साथ स्विच दबा दें, पूरा जीवन रोशनी से भर जाएगा। सफलता का महत्वपूर्ण सूत्र है साहसी मन का होना। मन यदि बुझा-बुझा-सा है तो शरीर कभी सक्रिय नहीं बन सकता। मन में स्वयं के प्रति विश्वास होना जरूरी है कि मुझे अनंत शक्ति का संचय है। मैं भी वो सब कुछ कर सकता हूं जो दूसरे लोग करते हैं। थामस ए. बेन्नेट ने कहा कि “एक बार किसी कार्य को करने का लक्ष्य निर्धारित कर लेने के बाद, इसे हर कीमत तथा कठिनाई की लागत पर पूरा करें। किसी कठिन कार्य को करने से उत्पन्न आत्म विश्वास अभूतपूर्व होता है।”

साहस संघर्षों से जूझने की प्रेरणा देता है। भीतरी शक्तियां कब प्रकट हो जाएं और कब मनुष्य को खतरों के बीच फेंक दें, कहा नहीं जा सकता। घर में आग लगते ही एक अपाहिज, अस्वस्थ, नाजुक, संकोची बालिका पलभर में क्षत्राणी बन जाती है। पर कैसे? कहां से आई उसमें इतनी ताकत! निश्चय ही हर व्यक्ति के भीतर अनंत शक्तियों का अक्षय भंडार छिपा है। परिस्थितियां उन्हें प्रकट कर देती हैं। लघु से महान बना देती है। कार्ल बार्ड ने कहा कि “हालांकि कोई भी व्यक्ति अतीत में जाकर नई शुरुआत नहीं कर सकता है, लेकिन कोई भी व्यक्ति अभी शुरुआत कर सकता है और एक नया अंत प्राप्त कर सकता है।”

जीवन के लिये आशावादिता भी जरूरी है, इसी के सहारे छोटी-छोटी नौकाएं तूफानों में भी अपना रास्ता ढूंढ लेती है। प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच सही समाधान ढूंढ लेती है। उसके साथ तीव्र आकांक्षी निर्माण की योजनाएं करवटें लेती हैं। जहां आशावादिता की रोशनी है वहां भय, चिंता, आशंका, थकान, निराशा, असफलता का कोई अस्तित्व नहीं। आशावादिता पुरुषार्थ से जोड़ती है। साहस की मीनारें खड़ी करती है। सफलताओं की ऊंचाइयां छूती है। इसीलिये शेन कार्टर ने कहा कि “बेहतर कल के लिए आशावादिता व्यक्ति का पासपोर्ट होता है।”

इसलिए महावीर ने उपदेश दिया-पराक्रमी बनो। कष्टों से घबराओं नहीं, उन्हें सहो। जोखिमों से खेलना सीखेंगे तभी तो मंजिल तक पहुंच सकेंगे। साहसी बनकर आगे बढ़ें। ‘मैं यह काम कर नहीं सकता’ इस बुझदिली को छोड़कर यह कहना सीखें कि मेरे जीवन-कोश में ‘असंभव’ जैसा शब्द नहीं लिखा है। एलेअनोर रूजवेल्ट ने कहा कि ‘भविष्य उनका है जो अपने सपनों की सुंदरता में यकीन करते हैं।’ प्रेषक:

(ललित गर्ग)
ई-253, सरस्वती कुंज अपार्टमेंट
25, आई0पी0 एक्सटेंशन, पटपड़गंज, दिल्ली-92
फोन: 22727486

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