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सेल्फस्टडी ने JEE, NEET और AIMS एन्ट्रेंस एग्जाम की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए नया गेमचेंजर ऐप “रिवीजन कम टेस्ट पैकेज” लॉन्च किया

नए ऐप को IIT और NEET बैकग्राउंड के इंडस्ट्री एक्सपटर्स की कड़ी मेहनत से और उनके लगातार प्रयासों से विकसित किया गया है।

नई दिल्ली | 22 सितंबर 2018 को सेल्फस्टडी तेजी से आगे बढ़ती हुई एड-टेक कंपनियों में से एक है। सेल्फस्टडी एप को बहुत थोड़े समय में 1 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने डाउनलोड कर लिया है। अब एन्ट्रेंस एग्जाम की तैयारी के सेग्मेंट में सेल्फस्टडी ने 17 सितंबर 2018 को “सेल्फस्टडी रिविजन कम टेस्ट पैकेज” का नया ऐप लॉन्च किया है। शिक्षा में आगे बढ़ती इस एड-टेक कंपनी का उद्देश्य छात्रों को तनाव और मोटी-मोटी किताबों और नोट्स को पढ़ने से आजादी दिलाना है। रिवीजन पैकेज के कंटेंट को IIT और NEET बैकग्राउंड के इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के लगातार प्रयासों और कड़ी मेहनत से विकसित किया गया है।

छात्रों और पैरंट्स के फीडबैक के आधार पर सेल्फस्टडी का यह ‘रिवीजन कम टेस्ट’ पैकेज JEE MAINS, JEE ADVANCE , NEET और AIMS के लिए गेमचेंजर साबित हो रहा है। इस पैकेज में 250 से ज्यादा इंफोग्राफिक्स, कॉन्सेप्टस और फार्म्युले के रिवीजन के लिए फ्लैशचार्ट, प्रैक्टिस के लिए 150 से ज्यादा टेस्ट शामिल है और यह सब 12 महीनों के लिए 1999 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है। (इसमें एक फ्लैशचार्ट की लागत 2 रुपये और एक टेस्ट की लागत 10 रुपये है)

सेल्फस्टडी के सहसंस्थापक प्रसेनजीत सिंह का कहना है, “NEET एग्जाम की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए सेल्फस्टडी के रिवीजन कम टेस्ट पैकेज के साथ परीक्षा की तैयारी करना कभी इतना आसान नहीं रहा। इससे पहले स्टूडेंट्स को अपने महत्वपूर्ण नोट्स तैयार करने और प्रैक्टिस के लिए अच्छे सवाल की तलाश में काफी समय बर्बाद करना पड़ता था। अब उनका वह समय बचेगा और छात्र अपना ज्यादा से ज्यादा समय पढ़ाई में लगा सकेंगे। इससे NEET 2019 में स्टूडेंट्स के सिलेक्शन का चांस निश्चित रूप से कई गुना बढ़ गया है।

सेल्फस्टडी ‘रिविजन कम टेस्ट पैकेज’
• यह नेशनल टेस्ट एजेंसी (एनटीए) के अपडेटेड पैटर्न पर बेस्ड है।
• रिवाइज और प्रैक्टिस के तरीके से यह काम करता है।
• इसे ऑपरेट करना बेहद आसान है और यह UI/UX नियमों के अनुकूल है।
• क्विज और रेफरेल कोड से स्टूडेंट्स रेफरेंस ले सकते हैं और कमाई भी कर सकते हैं।
• इसमें केवल 5 रुपये प्रतिदिन का खर्च आता है।
• इसमें हर क्लिक और टिक का रेकॉर्ड रखा जाता है। छात्र की परफॉर्मेंस का आकलन करने के लिए AI बेस्ड मॉडल का उपयोग किया जाता है।
• इससे स्टूडेंट्स को सवालों को हल करने की अपनी वास्तविक क्षमता पता चलता है। वह यह भी जान सकते हैं कि एक सवाल के हल में वह कितना समय ले रहे हैं। इस “सेल्फस्टडी टेस्ट सीरीज कम रिवीजन पैकेज” में आसान, न ज्यादा आसान, न ज्यादा मुश्किल और बेहद मुश्किल सवालों के लिए अलग-अलग स्कोर स्टूडेंट्स को मिलते हैं।
• इस पैकेज में सभी सवालों के हल स्टूडेंट्स को पूरी तरह समझाकर दिए गए हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किसी स्टूडेंट ने इन सवालों को सही किया है या गलत किया है।
• इसमें विषय के हिसाब से छात्रों की ओर से हल किए सारे टेस्ट पैकेज की समरी दी गई है।

फ्लैश चार्ट की विशेषताएं-
• 250 से ज्यादा फ्लैश चार्ट में हरेक विषय को संक्षिप्त में अच्छी तरह से समझाया गया है।
• यह संक्षिप्त और प्रभावी है
• माइक्रो लर्निंग के कॉन्सेप्ट पर यह आधारित है।
• किसी विषय को एक नजर में दोहराने के लिए यह मददगार है।
• इसे मजे-में सीखने के लिहाज से डिजाइन किया गया है।
• इसमें सभी फॉर्म्युले और महत्वपूर्ण की नोटस भी दिए गए हैं।
• कॉपीराइट कॉन्टेंट
• सामान्य कीमत 2700 रुपये

टेस्ट सीरीज की विशेषताएं-
• इसमें हर विषय से सवालों को शामिल करते हुए 150 से ज्यादा टेस्ट दिए गए हैं
• इसमें NTA के नए पैटर्न पर अलग-अलग चैप्टर लेवल टेस्ट, पार्ट टेस्ट और फुल टेस्ट दिए गए हैं।
• इसमें उम्मीदवारों के लिए इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम के टेस्ट भी खासतौर पर डिजाइन किए गए हैं।
• इसमें हर टेस्ट में पूछे गए सवालों का डिटेल सोल्यूशन और विस्तृत विश्लेषण दिया गया है, ताकि कोई छात्र अपने मजबूत प्वॉइंट्स और कमजोरियों को अच्छी तरह समझ सके। इससे स्टूडेंट्स को यह भी पता चलता है कि वह किन विषयों में पिछड़ रहे हैं।
• किसी भी टेस्ट को कुछ समय के बाद दोबारा दिया जा सकता है।
• टेस्ट को देते समय सवाल बुकमार्क किए जा सकते हैं। छोड़े जा रसकते हैं और सवालों में गलती भी मार्क की जा सकती है।

सेल्फ स्टडी के बारे में
सेल्फस्टडी एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म है, जिसका विजन आईआईटी मुंबई के पूर्व छात्र प्रसेनजीत सिंह और प्रकाश गुप्ता ने छात्रों को “कम पढ़कर ज्यादा नंबर लेने” में मदद देने के लिए साकार किया था। सेल्फस्टडी शिक्षा के क्षेत्र में मौजूद कमियों को पहचानने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है और छात्रों को सीखने और समझाने के नतीजों को सुधारने के लिए सर्वश्रेष्ठ पाठ्य सामग्री मुहैया कराती हैं। सेल्फ स्टडी कमजोर और अच्छे स्टूडेंट्स के कॉन्सेप्ट को सिर्फ दिमाग का भ्रम मानती है। एक कमजोर छात्र वह होता है, जिसके दिमाग में कई तरह की शंकाएं होती है और एक प्रतिभाशाली छात्र वह होता है, जो अपने सारी शंकाओं का जितनी जल्दी हो सके, समाधान कर लेता है। कंपनी ई-लर्निंग सेगमेंट में कई मामलों में दूसरी एड-टेक कंपनियों से कहीं ज्यादा बेहतर है। सेल्फस्टडी के संस्थापक टीचिंग इंडस्ट्री से बेहद करीब से जुड़े हैं। कंपनी को कोटा और जयपुर में इंजीनियरिंग और मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कोचिंग इंस्टिट्यूट्स को चलाने का अनुभव प्राप्त है।

सेल्फ स्टडी JEE और NEET एग्जाम में 50 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों के बहुत बड़े मार्केट की डिमांड को पूरा करती है। दिसंबर 2017 में इस फील्ड में उतरने के बाद सेल्फस्टडी ने अपने प्रॉडक्ट की मजबूती के लिए एंजेल फंडिंग के रूप में 150 हजार डॉलर इकट्ठे किए हैं और 100 हजार अमेरिकी डॉलर का राजस्व एकत्र किया है। सेल्फ स्टडी सक्रिय रूप से अपने प्रॉडक्ट की मजबूती के लिए ज्यादा से ज्यादा फंड एकत्र करने पर सक्रियता से काम कर रहा है और इसके लिए सेल्फ स्टडी ने अखिल भारतीय स्तर पर एक सेल्स टीम बनाई है। सेल्फ स्टडी का उद्देश्य 2 लाख स्टूडेंट्स तक अपनी पहुंच बनाना है और अगले 12 महीनों में 20 हजार स्टूडेंट्स को पेड सब्सक्राइबर्स में बदलना है।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें-
Adhiraaj Gogoi
9999741686

Neha Mishra
7800771984

Clarity Communication

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