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जल्द ही नोएडा-गाजियाबाद के बीच मेट्रो कनेक्टिविटी शुरू करने की सिफारिश – डीएमआरसी

गाजियाबाद । नोएडा को मेट्रो के जरिए गाजियाबाद से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने फेज-तीन में नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहन नगर तक कॉरिडोर का निर्माण कराना उपयोगी बताया है।

डीएमआरसी ने गाजियाबाद विकास प्रधिकरण (जीडीए) को दिए सुझाव में तर्क दिया है कि इस कॉरिडोर के बनने से नोएडा और एयरपोर्ट तक पहुंचने में आसानी होगी। हालांकि जीडीए की प्राथमिकता वैशाली से मोहननगर तक मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण की है। मेट्रो फेज-तीन के तहत वैशाली से मोहननगर और नोएडा सेक्टर-62 इलेक्टॉनिक सिटी से साहिबाबाद तक दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इनकी डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। दोनों कॉरिडोर बनाने में कुल 4048 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वैशाली से मोहननगर तक 5.066 किलोमीटर के कॉरिडोर को बनाने में 2162 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इस लाइन पर वैशाली, वसुंधरा सेक्टर-24 और साहिबाबाद स्टेशन प्रस्तावित हैं।

लूप के जरिये कॉरिडोर को मोहननगर मेट्रो स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा। वहीं नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से साहिबाबाद तक 5.11 किलोमीटर के कॉरिडोर के निर्माण में 1886 करोड़ रुपये की लागत का आकलन हआ है। इस रूट पर नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी, इंदिरापुरम और वसुंधरा सेक्टर-5 में स्टेशन प्रस्तावित हैं।

दोनों मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकार से अंशदान की मांग की गई थी। राज्य सरकार ने हाथ खड़े कर दिए थे। यह कहते हुए कि जिन सरकारी एजेंसियों को कॉरिडोर बनने से लाभ होगा। उनका अंशदान निर्धारित कर दिया जाए। फंड की व्यवस्था न होते देख जीडीए ने तय किया था कि प्राथमिकता के आधार पर पहले एक कॉरिडोर बनाया जाए।

जीडीए ने वैशाली से मोहननगर तक मेट्रो कॉरिडोर बनाने की प्राथमिकता जाहिर की थी। इस बारे में डीएमआरसी से भी पूछा गया था। अब डीएमआरसी ने कहा है कि नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक एक कॉरिडोर बनाना चाहिए। जिसे बनाने में करीब तीन हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। डीएमआरसी का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन गाजियाबाद से नोएडा आते-जाते हैं। इस लाइन के बनने से उन्हें फायदा होगा। कम वक्त में यात्री इंदिरा गांधी एयरपोर्ट तक जा सकते हैं।

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