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युवतियों व महिलाओं का मसाज करने की नौकरी दिलाने के नाम पर- पुलिस की नजर

दिल्ली। बड़े-बड़े होटलों में युवतियों व महिलाओं का मसाज करने की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना समेत तीन को तीस हजारी पुलिस चौकी ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों में युवती भी शामिल है। पुलिस ने एक नाबालिग लड़की को भी दबोचा है।

गिरोह रोहिणी में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर आकर्षक नौकरी दिलाने व युवतियों और महिलाओं का मसाज करने की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। डीसीपी उत्तरी जिला नूपुर प्रसाद के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों के नाम श्रीराम, आकाश, निशा व एक किशोरी है। श्रीराम, अमन विहार किराड़ी सुलेमान का रहने वाला है। वह पहले एक कॉल सेंटर में काम करता था। कॉल सेंटर की अच्छी कमाई देखकर उसने नौकरी छोड़ दी और रोहिणी, सेक्टर-20 में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर वहां कुछ युवक-युवतियों को नौकरी पर रखकर उनके साथ मिलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया था।

ऑनलाइन धूपबत्ती बेचने के नाम पर भी ठग चुका है
श्रीराम ने पहले श्री साई नाम से कॉल सेंटर खोला था और ऑनलाइन धूपबत्ती बेचने के नाम पर सैकड़ों लोगों को ठगा चुका है। उसके बाद अन्य नाम से कॉल सेंटर चलाने लगा। आकाश, मंगोलपुरी का रहने वाला है। वह श्रीराम का दोस्त और बिजनेस पार्टनर है। वह भी पहले श्रीराम के साथ एक कॉल सेंटर में नौकरी करता था। निशा, मंगोलपुरी की रहने वाली है। वह श्रीराम के कॉल सेंटर में नौकरी करती है। वह लोगों को कॉल करके झांसे में लेती थी। किशोरी भी कॉल सेंटर की कर्मचारी है। वह भी लोगों को फोन कर झांसे में लेती थी।

प्रतिदिन 40 हजार रुपये कमाई का दिया था झांसा
28 अगस्त को नाबालिग लड़की ने रिंकू पांडेय को कॉल कर बताया कि अगर वे दिल्ली-एनसीआर के बड़े-बड़े होटलों में युवतियों व महिलाओं का मसाज करने की नौकरी करना चाहते हैं तो उन्हें मोटी रकम मिल सकती है। वे प्रतिदिन 40 हजार रुपये कमा सकते हैं। होटलों के अलावा उन्हें घरों में भी भेजा जा सकता है। अगले दिन 29 अगस्त को दोबारा कॉल करने पर रिंकू ने लालच में आकर नौकरी करने की हामी भर दी। इसके बाद उसने निशा को अपना सीनियर बताकर उससे बात करवा दी।

निशा ने नौकरी की खूब तारीफ की। इस पर दोनों ने उनसे मसाज के लिए अलग तरह का तेल व क्रीम खरीदने, पंजीकरण कराने सहित अन्य बहानों से 1.18 लाख रुपये दो पेटीएम में ट्रांसफर करवा लिया। सामान की डिलीवरी के लिए रिंकू को तीस हजारी कोर्ट बुलाया गया। रिंकू वहां आ गए, लेकिन ये लोग वहां नहीं आए। फोन करने पर सभी के मोबाइल बंद आने पर उन्हें शक हुआ।

बिजली के बिल के भुगतान से मिला आरोपितों का ठिकाना
उन्होंने 30 अगस्त को तीस हजारी चौकी में मुकदमा दर्ज करवा दिया। जांच में दोनों पेटीएम अकाउंट फर्जी नाम-पते पर पाए गए। इंस्पेक्टर अनंत किरण व तीस हजारी के चौकी इंचार्ज भारत की टीम ने जब पेटीएम को नोटिस भेज जानकारी मांगी तब पता चला कि उस पेटीएम से श्रीराम ने अपने ऑफिस व घर के बिजली के बिल का भुगतान किया था। वहीं से पुलिस को सुराग मिल गया। पुलिस टीम ने चारों को बुधवार को उनके घरों से दबोच लिया। इनके कॉल सेंटर से 10 मोबाइल फोन व 25 से ज्यादा सिमकार्ड मिले हैं।

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