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सिर्फ 1 कागज से 2 मिनट में चेक करें पेट्रोल शुद्ध है या मिलावटी

दिल्ली : जिस पेट्रोल/डीजल को आप गाड़ी में डलवा रहे हैं, वो शुद्ध है या नहीं इसकी जांच आप मिनटों में कर सकते हैं। आपको सिर्फ फिल्टर पेपर पर फ्यूल की दो बूंदे डालना होंगी। डिलेवरी नोजल के मुंह को साफ करें। नोजल से फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की दो बूंद डालें। दो मिनट में पेट्रोल फिल्टर पेपर से उड़ जाएगा। सूखने पर गहरे रंग का दाग रहता है तो समझ जाएं पेट्रोल मिलावटी है। फिल्टर पेपर भी आपको खरीदने की जरूरत नहीं, बल्कि आप पेट्रोल पंप संचालक से ही इसकी मांग कर सकते हैं। फेडरेशन ऑफ मप्र पेट्रोल-डीलर एसोसिएशन वॉइस प्रेसीडेंट पारस जैन ने बताया कि कई लोग पेट्रोल में सॉल्वेंट मिला देते हैं, इससे पेट्रोल मिलावटी होने के बावजूद दाग नहीं छोड़ता। ऐसे में आप डेंसिटी जार से पेट्रोल की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। हर पेट्रोल पंप पर डेंसिटी जार होता है।
कितनी होना चाहिए शुद्ध पेट्रोल की डेंसिटी
– पेट्रोल की शुद्धता की जांच उसकी डेंसिटी से की जाती है। पेट्रोल की डेंसिटी 730 से 800 के बीच है, तो वह शुद्ध माना जाएगा। 730 से कम है और 800 से ज्यादा है तो उसमें मिलावट हो सकती है।
– डीजल की डेंसिटी 830 से 900 के बीच होती है।
डेंसिटी जार से भी करवा सकते हैं जांच
– फिल्टर पेपर के बाद भी आपको फ्यूल की शुद्धता पर शक है तो आप डेंसिटी जार से इसकी जांच करवा सकते हैं।
– डेंसिटी चेक करने के लिए आपको 500ml जार, हाईड्रोमीटर, थर्मोमीटर और ASTM (अमेरिकन सोसायटी फॉर टेस्टिंग ऑफ मटेरियल्स) कन्वर्सन चार्ज की जरूरत होगी। हाईड्रोमीटर किसी भी लिक्विड की डेंसिटी जांचने के लिए एक अच्छा उपकरण है।
– यह सभी चीजें पेट्रोल पंप पर उपलब्ध होती हैं।
– डेंसिटी जार में घनत्व का अलग-अलग टेम्प्रेचर पर डिफरेंस निकाला जाता है।
– कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के मुताबिक, हर ग्राहक को पेट्रोल की शुद्धता मापने का अधिकार है।
– कई बार नॉजल में छेड़छाड़ कर 100 से 150ml तक ईंधन की में हेरफेर की जाती है। ऐसे में शक होने पर 5 लीटर टेस्ट करना चाहिए। पेट्रोल पंप पर 5 लीटर का एक प्रमाणित बर्तन होता है। आप उसमें 5 लीटर पेट्रोल डीजर डलवाकर जांच कर सकते हैं कि नाप सही है या नहीं।
कोई मिलावटी माल बेचे तो क्या करें
– हर पेट्रोल पंप पर कंपनी के अधिकारियों का नंबर लिखा होता है, मिलावट होने पर आप सीधे अधिकारी को शिकायत कर सकते हैं।
– आप कंज्युमर कोर्ट में भी इसकी शिकायत कर सकते हैं और पेट्रोल बेचने वाली कंपनी से हर्जान की मांग कर सकते हैं।
– कंपनी में शिकायत होने पर ऐसे पेट्रोलपंप संचालकों को शोकाज नोटिस भेजा जाता है और पेनाल्टी लगाई जाती है।

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